लखनऊ कोचिंग आग हादसा: युवाओं की मौत पर राहुल-अखिलेश और मायावती ने जताई संवेदना, जांच की मांग

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​लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित पुरनिया इलाके में सोमवार को हुई एक भीषण अग्निकांड ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया है। एक कोचिंग सेंटर की इमारत में लगी इस जानलेवा आग ने 15 युवाओं की जान ले ली है, जिनमें 3 युवतियां भी शामिल हैं। मृतकों की उम्र 20 से 24 वर्ष के बीच बताई जा रही है, जो अपने सुनहरे भविष्य के सपने संजोए कोचिंग पढ़ने आए थे।

आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला और कुछ ही मिनटों में पूरी इमारत धू-धू कर जल उठी। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है और चारों ओर अफरा-तफरी का माहौल है।

​विपक्ष का सरकार पर दबाव, जांच की मांग

इस भयावह हादसे पर राजनीति भी तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने इस घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए राज्य सरकार से मामले की उच्च-स्तरीय जांच की मांग की है। पार्टी ने कहा कि यह लापरवाही का नतीजा है, जिसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

​लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इस त्रासदी पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदनाएं जाहिर कीं। वहीं, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि सरकार को घायलों के उपचार के लिए सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इस घटना के पीछे के कारणों की पूरी ईमानदारी से जांच होनी चाहिए, क्योंकि खोने वाले बच्चे किसी के भी घर के हो सकते थे।

​मायावती की अपील: ‘सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप से नहीं चलेगा काम’

बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने भी इस घटना को दिल दहला देने वाला बताया। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं कई परिवारों की उम्मीदों को हमेशा के लिए बिखेर देती हैं। मायावती ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस तरह के हादसों की रोकथाम के लिए अब केवल आरोप-प्रत्यारोप लगाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि सभी को मिलकर समाधान खोजने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की आवश्यकता है।