आइए जानते हैं टैक्स एक्सपर्ट से कि आम बजट 2022 से क्या मिला!

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आगरा। वित्त मंत्री पद पर रहते हुए निर्मला सीतारमण ने आज चौथा आम बजट 2022 (Budget 2022) पेश किया। कोरोना काल की दो खतरनाक लहर निकल जाने के बाद आम लोगों को वर्ष 2022-23 के आम बजट से बहुत उम्मीद थी। खासतौर से मध्यम वर्गीय परिवार और नौकरीपेशा लोग इस बजट से काफी उम्मीदें लगाए बैठे थे लेकिन क्या उनकी उम्मीदें इस बजट से पूरी हुई या फिर उन्हें इस बार भी मायूस होना पड़ा?

आइए जानते हैं टैक्स एक्सपर्ट से कि इस आम बजट 2022 से आगरा शहर की जनता को कुछ मिला या नहीं।

आज मंगलवार को पेश किए गए आम बजट 2022 को लेकर टैक्स गुरु सीए दीपक माहेश्वरी का कहना है कि कोरोना महामारी के समय कठिन परिस्थितियों के बीच यह दूरदर्शी वाला बजट है। इस बजट में कॉर्पोरेट जगत की अर्थव्यवस्था को राहत दी गई है इंफ्रा क्षेत्र को बढ़ावा देने वाला यह बजट है। हालांकि इस बार भी बजट में टैक्स स्लैब में कोई परिवर्तन नहीं किया है जिससे आम करदाता को किसी भी तरह की राहत नहीं मिली है। पेंशनर्स और दिव्यांग को टैक्स छूट में राहत दी गई है।

टैक्स सलाहकार सीए प्रार्थना जालान का कहना है कि इस बजट में सबसे ज्यादा निराशा एक आम आदमी और नौकरी पेशा करदाता को हुई है। कोविड-19 की मार के चलते उनकी आय प्रभावित हुई है, खर्च बढ़ा है। इसलिए इस बार बजट में टैक्स स्लैब, 80 C या स्टैंडर्ड डिडक्शन में आम आदमी और नौकरी पेशा व्यक्ति जिस आशा की उम्मीद कर रहा था, उसको लेकर कोई राहत नहीं मिली न ही कोई सोशल सिक्योरिटी का एलान हुआ जो कि समय की मांग थी। भविष्य से पहले वर्तमान को संभालना होता है। इसलिए कोरोना की मार झेल रहे आम लोगों को कोई टैक्स वैक्सीन नहीं मिली है।

आगरा सीए चैप्टर के पूर्व अध्यक्ष सीए रोहित दुआ ने कहा कि इस बजट से आम आदमी और मध्यमवर्गीय परिवार को काफी उम्मीदें थी। क्योंकि कोरोना काल के दौरान पिछले 2 साल से भी उन्हें कुछ नहीं मिला, इस बार वह कुछ रियायत मिलने की उम्मीद लगाए बैठा था लेकिन इस बजट से उन्हें कुछ नहीं मिला। आगरा के परिपेक्ष्य में अगर बात करें तो पर्यटन को लेकर इस बजट में कुछ भी नहीं है। चमड़े और मशीनरी पर इंपोर्ट ड्यूटी कम हुई है। इससे जूता उद्योग को थोड़ी सी राहत मिलेगी। डिजिटल करेंसी के मामले में इस बजट में अच्छा प्रावधान किया गया है। क्रिप्टो करेंसी में आज का युवा वर्ग रुचि रखता है। आने वाले समय में अपने देश की अपनी डिजिटल करेंसी होगी जिसमें अपना पैसा अपनी ही डिजिटल करेंसी में इन्वेस्ट होगा। यह कदम देश की आगामी अर्थव्यवस्था के लिए बेहतर सिद्ध होगा।

हालांकि इस बजट को कॉर्पोरेट क्षेत्र को फायदा पहुंचाने वाला बताया जा रहा है लेकिन इस बारे में भारत हासानी, सीएस, कंपनी सेक्रेट्री का कहना है कि कॉरपोरेट सेक्टर के लिए बजट 2022 उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। स्टार्टअप को छोड़कर कंपनियों को होने वाले लाभों पर कोई टिप्पणी नहीं की गई। हालांकि सेंटर फॉर प्रोसेसिंग एक्सलेरेटड कॉर्पोरेट एग्जिट (सी.पेस) के माध्यम से शैक्षिक समापन प्रक्रिया (वॉलंट्री वाइंडिंग अप) में तेजी उन कंपनियों को समर्थन देगी जो स्वैच्छिक समापन प्रक्रिया द्वारा बंद होने की योजना बना रही है।

पर्यटन क्षेत्र को मायूसी

पर्यटन क्षेत्र से जुड़े होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश वाधवा का कहना है कि पिछले 9 साल से सरकार के आम बजट से पर्यटन उद्योग को आज तक कुछ भी विशेष नहीं मिला है। पूरे देश में 10 करोड से अधिक लोगों को रोजगार देने वाला और भारत की जीडीपी बनाए रखने में सहयोग प्रदान करने वाला पर्यटन क्षेत्र बुरी तरह से प्रभावित हो चुका है। कोरोना काल में सबसे ज्यादा पर्यटन क्षेत्र को ही नुकसान हुआ है। ऐसा लगता है कि भारत सरकार के बजट मानचित्र से पर्यटन पूरी तरह गायब हो गया है और इस बार भी बजट में राहत के नाम पर सिर्फ उन्हें झुनझुना दिया गया है।

साभार- मून ब्रेकिंग