हिमालय के ‘शर्मीले मेहमान’ से रूबरू हुए आगरा के ललित राजौरा, नेपाल में रेड पांडा की दुर्लभ तस्वीरें कीं कैमरे में कैद

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आगरा। ताजनगरी के विख्यात वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर ललित राजौरा ने वन्यजीव फोटोग्राफी की दुनिया में एक बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। नेपाल की सीमा पर स्थित सिंगालीला नेशनल पार्क की बर्फीली और दुर्गम ऊंचाइयों के बीच, ललित ने दुनिया के सबसे शर्मीले और दुर्लभ जीवों में शुमार ‘रेड पांडा’ को अपने कैमरे में कैद करने में सफलता पाई है। पगडंडी सफारी के विशेष आमंत्रण पर की गई यह यात्रा ललित के करियर का सबसे यादगार अध्याय बन गई है।

धैर्य और जुनून की कठिन परीक्षा

रेड पांडा की खोज कोई आसान काम नहीं था। ललित राजौरा बताते हैं कि हिमालय की खड़ी चढ़ाई, संकरी पगडंडियों और हाड़ कंपाने वाली ठंड में उन्हें प्रतिदिन कई घंटों तक ट्रैकिंग करनी पड़ी। यह सफर केवल शारीरिक थकान का नहीं, बल्कि मानसिक धैर्य की भी परीक्षा थी। चार दिनों के लंबे इंतजार और कड़ी मशक्कत के बाद वह ‘जादुई पल’ आया, जब जंगल की खामोशी के बीच इस बेहद खूबसूरत और शर्मीले जीव की पहली झलक दिखाई दी।

आधुनिक तकनीक और कला का संगम

इस ऐतिहासिक पल को सजीव करने के लिए ललित ने Nikon Z 9 कैमरे और AF-S NIKKOR 500mm f/5.6E लेंस का प्रयोग किया। तकनीक और फोटोग्राफर के कौशल के तालमेल से रेड पांडा की ऐसी स्पष्ट और मनमोहक तस्वीरें सामने आई हैं, जो वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का काम करेंगी। नेपाल के जौबारी क्षेत्र (सिंगालीला नेशनल पार्क) में की गई यह फोटोग्राफी अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा बटोर रही है।