खामेनेई की मौत से भारत में उबाल: श्रीनगर से लखनऊ तक सड़कों पर उतरा शिया समाज, तीन दिन के शोक का आह्वान

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नई दिल्ली/श्रीनगर/लखनऊ: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की इजरायल और अमेरिकी हमले में मौत के बाद भारत में शिया समुदाय में भारी रोष है। जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर (लाल चौक) और रामबन से लेकर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ तक, हजारों की संख्या में लोग हाथों में खामेनेई की तस्वीरें लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने तीन दिन के शोक की घोषणा की है, जिसके तहत समुदाय के लोग काले कपड़े पहनेंगे और घरों पर काले झंडे लगाएंगे।

​प्रमुख प्रतिक्रियाएं: “यह मानवता का नुकसान”

मौलाना यासूब अब्बास ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि खामेनेई को मारकर ईरान खत्म नहीं होगा, बल्कि अमेरिका और इजरायल को इसका करारा जवाब मिलेगा।

इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के चेयरमैन खालिद रशीद फिरंगी महली ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया और जिम्मेदार लोगों पर इंटरनेशनल कोर्ट में केस चलाने की मांग की।

वहीं बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने तंज कसते हुए कहा कि यह उन लोगों के लिए सबक है जो भारतीय पासपोर्ट छोड़कर बाहर जाते हैं। उन्होंने जोर दिया कि “मोदी जी हैं तो हम सुरक्षित हैं।”

​विमानन सेवाओं पर असर: हैदराबाद में फंसे यात्री

मिडल ईस्ट में जारी युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कई उड़ानें रद्द होने से सैकड़ों यात्री फंसे हुए हैं। सुरक्षा कारणों से एयरलाइंस ने अपनी सर्विस या तो डायवर्ट कर दी हैं या पूरी तरह कैंसिल कर दी हैं।

विदेश मंत्रालय की एडवाइजरी

भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया है। पश्चिम एशिया (West Asia) के घटनाक्रमों के कारण जिन विदेशी नागरिकों को भारत में अपना प्रवास बढ़ाना है या वीजा संबंधी मदद चाहिए, उन्हें नजदीकी FRRO (Foreigners Regional Registration Office) से संपर्क करने की सलाह दी गई है।

​राजधानी दिल्ली में शोक का दृश्य

​दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास ने अपने सुप्रीम लीडर के सम्मान में अपना राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका दिया है। लखनऊ में आज रात 8:30 बजे बड़े पैमाने पर कैंडल मार्च और विरोध प्रदर्शन की तैयारी है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।