आगरा। ताजनगरी में पुलिस महकमे के एक सिपाही की करतूत ने पूरे विभाग को कठघरे में खड़ा कर दिया है। थाना ताजगंज में तैनात कांस्टेबल जेबी गौतम के साथ लिव-इन रिलेशन में रह रही एक फैशन डिजाइनर युवती ने मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से तंग आकर मौत को गले लगा लिया। आरोप है कि सिपाही ने लंबे समय तक शादी का झांसा देकर युवती का शोषण किया और बाद में अपने वादे से मुकर गया। पुलिस ने आरोपी सिपाही को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
शादी का वादा और ‘लिव-इन’ का धोखा
मूल रूप से कासगंज (सहावर) की रहने वाली युक्ति (फैशन डिजाइनर) की मुलाकात कुछ साल पहले शमसाबाद में एक शादी समारोह के दौरान कानपुर देहात निवासी सिपाही जेबी गौतम से हुई थी। जेबी गौतम थाना ताजगंज में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर तैनात था। प्रेम संबंध होने के बाद सिपाही ने शादी का भरोसा देकर युवती को ताजगंज क्षेत्र में किराए के मकान में अपने साथ रखना शुरू कर दिया। कई वर्षों तक चले इस रिश्ते में युवती को केवल धोखा मिला।
शादी से इनकार और मानसिक उत्पीड़न
परिजनों का आरोप है कि जब युवती ने शादी का दबाव बनाया, तो सिपाही अपने वादे से पलट गया। इतना ही नहीं, सिपाही के परिजनों ने भी युवती को मानसिक रूप से प्रताड़ित करना और धमकियां देना शुरू कर दिया। इसी धोखे और तनाव के कारण युवती गहरे अवसाद (डिप्रेशन) में चली गई थी।
बहन के घर खौफनाक कदम, वीडियो संदेश ने खोला राज
बुधवार को युवती सदर क्षेत्र के सैनिक नगर स्थित अपनी बहन के घर आई थी। रात करीब 12:30 बजे, जब कमरे में तेज संगीत बज रहा था, युवती ने पंखे से लटककर अपनी जान दे दी। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट तो नहीं मिला, लेकिन जांच में एक अहम वीडियो बरामद हुआ है। बताया जा रहा है कि सुसाइड से ठीक पहले युवती ने एक वीडियो रिकॉर्ड कर अपने रिश्तेदारों को भेजा था, जिसे पुलिस अब सबसे बड़ा साक्ष्य मान रही है।
कांस्टेबल गिरफ्तार और सस्पेंड
मृतका के पिता की तहरीर पर थाना सदर में आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि आरोपी कांस्टेबल जेबी गौतम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस विभाग ने आरोपी को निलंबित कर विभागीय जांच भी शुरू कर दी है।
अनुशासन और नैतिकता पर बड़े सवाल
समाज की सुरक्षा का दम भरने वाली खाकी वर्दी पर लगे इस दाग ने जनता के भरोसे को झकझोर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केवल दो बालिगों का निजी मामला नहीं है, बल्कि उस ‘खाकी’ के आचरण पर सवाल है जिससे समाज नैतिकता की उम्मीद करता है। पुलिस अब मोबाइल कॉल डिटेल्स और वायरल वीडियो के आधार पर मामले की तह तक जाने में जुटी है।

