मध्यस्थता: ज़ेलेंस्की की अपील पर पुतिन से मिले इजराइल के पीएम नफताली

INTERNATIONAL

यूक्रेन-रूस संघर्ष के बीच इजराइल के प्रधानमंत्री नफताली बेनेट ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की है. वो शनिवार को रूस की राजधानी मॉस्को पहुंचे.

इस बैठक का महत्व इस बात से लगाया जा सकता है कि इजराइली प्रधानमंत्री ने इस दौरे के लिए शबात (यहूदियों के अनुसार आराम का दिन) को तोड़ दिया. यहूदी क़ानून के तहत केवल जान का ख़तरा होने की स्थिति में ही इसे तोड़ा जा सकता है.

बेनेट की इस बैठक के बारे में तब तक अधिक जानकारी नहीं दी गई है. हालांकि बताया जा रहा है ति दोनों नेताओं के बीच क़रीब तीन घंटे तक बातचीत हुई.

बेनेट और पुतिन इससे पहले भी कई बार मुलाक़ात कर चुके हैं और दोनों देशों के बीच अच्छे रिश्ते बताए जाते हैं. भले ही इजराइल अमेरिका का अहम सहयोगी है लेकिन प्रधानमंत्री बेनेट के रूस के साथ भी अच्छे संबंध हैं.

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की जो खुद यहूदी हैं, उन्होंने इजराइल के प्रधानमंत्री से इस मामले में मध्यस्थता करने की अपील की थी.

इस दौरे में प्रधानमंत्री बेनेट के साथ हाउसिंग मंत्री ज़ीव एलकिन भी थे जो लंबे समय तक इजराइली नेताओं के साथ रूसी भाषा के अनुवादक का काम भी कर चुके हैं. वो यूक्रेन के शहर खारकीव में पैदा हुए हैं और अब भी यूक्रेन में उनके रिश्तेदार रहते हैं.

इस बैठक के बाद नफताली बेनेट जर्मनी की यात्रा पर चले गए. जर्मनी में वो चांसलर ओलाफ़ स्कोल्ज़ से मिलने वाले हैं.

ज़ेलेंस्की ने की अपील, रूस के ख़िलाफ़ लड़ाई जारी रखें लोग

रूस के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने यूक्रेन के लोगों से रूस के हमले के ख़िलाफ़ लड़ाई जारी रखने की अपील की है.

राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने शनिवार रात को कीव से देश को संबोधित किया. उन्होंने लोगों में जोश भरते हुए कहा कि अब जवाब देने का समय आ गया है.

उन्होंने कहा, ‘‘आपको बाहर निकलने और इस बुराई को अपने शहरों से बाहर फेंकने की ज़रूरत है.’’
लेकिन, इसके साथ ही उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन से यूक्रेन को और लड़ाकू विमान देने की अपील की.
उन्होंने अमेरिका से रूस निर्मित लड़ाकू विमान देने का अनुरोध किया. इन विमानों को यूक्रेन के पायलट चला सकते हैं.

बताया जा रहा है कि अमेरिकी अधिकारी पोलैंड के नेताओं के संपर्क में हैं ताकि यूक्रेन को मिग लड़ाकू विमान दिए जा सकें.

पोलैंड सोवियत काल के लड़ाकू विमानों का धीरे-धीरे इस्तेमाल बंद कर रहा है. ऐसे में ये विमान यूक्रेन को दिए जा सकते हैं क्योंकि यूक्रेन के पायलटों पश्चिम देशों में निर्मित विमानों को उड़ाने का प्रशिक्षण नहीं मिला है.

-एजेंसियां