आगरा: ताजनगरी का हृदय स्थल कहा जाने वाला पालीवाल पार्क आज अपनी बदहाली और कथित अनैतिक गतिविधियों के कारण शर्मसार है। हरियाली और पारिवारिक माहौल के लिए मशहूर इस पार्क पर अब शराबखोरी, अय्याशी और संगठित अवैध वसूली के गंभीर आरोप लग रहे हैं। पार्क के भीतर स्थित ईको क्लब परिसर से मिले शराब की बोतलों, बीयर केन और कंडोम के रैपरों ने प्रशासन के दावों की धज्जियाँ उड़ा दी हैं।
उद्यान विभाग की भूमिका पर सवाल
ईको क्लब के संस्थापक प्रदीप खंडेलवाल ने उद्यान अधीक्षक पर सीधा हमला बोलते हुए विभागीय संरक्षण का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि बिना अधिकारियों की शह के पार्क के भीतर रात के अंधेरे में ऐसी गतिविधियां संभव नहीं हैं। खंडेलवाल ने उद्यान अधीक्षक को तत्काल निलंबित करने और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
अवैध वसूली का ‘खुला खेल’
पार्क में अवैध वसूली का एक हृदयविदारक मामला सामने आया है। रतनपुरा के एक गरीब व्यक्ति से, जो अपनी बेटी के रिश्ते की बात करने पार्क में गया था, टिकट के अलावा ₹200 अतिरिक्त वसूले गए। चौंकाने वाली बात यह है कि जिस ठेकेदार का ठेका 9 अप्रैल को ही समाप्त हो चुका है, वह अब भी टिकटों की बिक्री कैसे कर रहा है? पहले भी ₹10 की जगह ₹20 वसूलने के आरोपों में घिरे इस ठेकेदार को आखिर किसका संरक्षण प्राप्त है?
नियमों की धज्जियां उड़ाती ‘समिति’
प्रदीप खंडेलवाल ने उद्यान विकास समिति की वैधानिकता पर भी प्रश्नचिह्न लगाए हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 1860 के अधिनियम के तहत पंजीकृत इस सोसायटी की नियमावली में बिना साधारण सभा की अनुमति के बदलाव करना पूरी तरह अवैधानिक है। यह गंभीर वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितता की ओर इशारा करता है।
प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग
पार्क की गरिमा बचाने के लिए अब स्थानीय निवासियों और पर्यावरण प्रेमियों का गुस्सा फूट पड़ा है। लोगों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पार्क को शराबियों और असामाजिक तत्वों से मुक्त कराया जाए और अवैध रूप से वसूली कर रहे ठेकेदार के खिलाफ कठोर विधिक कार्रवाई की जाए।

