गविष्टि (गो-रक्षार्थ-धर्मयुद्ध) यात्रा के आगरा आगमन पर विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में धर्मसभाएं आयोजित, धाकरान चौराहे से पालकी में पहुंचे श्री प्रेमनिधि जी मंदिर
आगरा। गौमाता को राष्ट्रमाता का सम्मान दिलाने तथा संपूर्ण देश में पूर्ण गोवंश वध बंदी की मांग को लेकर निकाली जा रही 81 दिवसीय ऐतिहासिक ‘गविष्टि (गो-रक्षार्थ-धर्मयुद्ध) यात्रा’ के अंतर्गत जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज का आगरा जनपद में भव्य स्वागत किया गया। यात्रा के दौरान विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में विशाल धर्मसभाओं का आयोजन हुआ, जिनमें हजारों श्रद्धालुओं, गौभक्तों एवं सनातन धर्मावलंबियों ने सहभागिता की।
रविवार को धाकरान चौराहा पर आयोजित धर्मसभा में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज
ने गौसंरक्षण को राष्ट्र और धर्म की रक्षा का आधार बताते हुए जनजागरण का आह्वान किया।
अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि भारतवर्ष में गाय को सदैव माता का दर्जा प्राप्त रहा है, क्योंकि वह मानव जीवन, कृषि व्यवस्था, पर्यावरण एवं संस्कृति के संरक्षण का आधार है। अंग्रेजी शासनकाल में गाय को केवल पशु का दर्जा दिया गया था और दुर्भाग्यवश स्वतंत्रता प्राप्ति के दशकों बाद भी उस सोच में अपेक्षित परिवर्तन नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार पूर्व में गोमांस खाने की प्रवृत्ति थी, उसी प्रकार आज भी गोमांस का उपभोग और गोवध की घटनाएं जारी हैं, जो अत्यंत चिंताजनक विषय है।
जगद्गुरु शंकराचार्य ने कहा कि वर्तमान सरकारें गौरक्षा के विषय में अपेक्षित दृढ़ता नहीं दिखा रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि वास्तव में गौमाता के प्रति सम्मान है तो देशभर में पूर्ण गोवंश वध बंदी लागू की जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो सरकार गोवध नहीं रोक सकती, उसे सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
उन्होंने कहा कि गविष्टि यात्रा किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि गौमाता को राष्ट्रमाता का सम्मान दिलाने और गौरक्षा के लिए जनमत तैयार करने के उद्देश्य से निकाली जा रही है। यह यात्रा समाज को उसकी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का कार्य कर रही है तथा राष्ट्रव्यापी जनजागरण का माध्यम बन रही है।
धाकरान चौराहा पर आयोजित विशाल धर्मसभा में गौसेवा एवं गौरक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए महेश धाकड़ को गोधाम के प्रतिनिधि के रूप में सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान आयोजकों द्वारा जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज को भारतीय कृषि एवं गौआधारित संस्कृति के प्रतीक स्वरूप हल भेंट कर सम्मानित किया गया।
धर्मसभा के उपरांत धाकरान चौराहे से नाई की मंडी स्थित प्राचीन श्री प्रेमनिधि जी मंदिर तक जगद्गुरु शंकराचार्य महाराज की पालकी यात्रा निकाली गई। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर उनका भव्य स्वागत किया तथा जयघोषों से वातावरण भक्तिमय हो उठा।
श्री प्रेमनिधि जी मंदिर पहुंचकर उन्होंने ठाकुर श्री श्याम बिहारी जी महाराज के दर्शन एवं पूजन किया तथा उपस्थित श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान किया। मंदिर परिसर में मुख्य सेवा अधिकारी हरिमोहन गोस्वामी, सुनीत गोस्वामी, दिनेश पचौरी, सुरेश पचौरी, आशीष बल्लभ पचौरी, रानू, नरेश, आदित्य, आयुष, अपूर्व शर्मा, मनीष धाकड़, नवीन शर्मा, मदन मोहन शर्मा, हैप्पी शिवहरे, सागर आदि ने उनका स्वागत किया।
मंदिर परिसर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए उपस्थित रहे। आगरा मंडल संयोजक आशीष बल्लभ पचौरी ने बताया कि “अहं हनं वृत्रं गविष्ठौ” के मूल मंत्र के साथ संचालित यह 81 दिवसीय गविष्टि यात्रा देशभर में गौरक्षा के प्रति जनचेतना जागृत करने और गौमाता को राष्ट्रमाता का सम्मान दिलाने के उद्देश्य से निरंतर आगे बढ़ रही है।


