आगरा में शादी के महज पांच दिन बाद 11 लाख रुपये के जेवर और नकदी लेकर नौ दो ग्यारह हुई दुल्हन, बिचौलिया सिंडिकेट की जांच में जुटी पुलिस

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आगरा। ताजनगरी के आवास विकास कॉलोनी क्षेत्र में शादी के महज पाँच दिनों के भीतर ही एक सनसनीखेज और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक नवविवाहिता दुल्हन ससुराल से करीब 11 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के बहुमूल्य जेवर और नकदी समेटकर अचानक रहस्यमय परिस्थितियों में फरार हो गई।

इस पूरी घटना के सामने आने के बाद पीड़ित परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। आरोप है कि शादी कराने वाले बिचौलिए ने पहले तो भरोसे में लेकर डेढ़ लाख रुपये ऐंठे और बाद में जब घटना की शिकायत की गई तो उसने परिवार को ही झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देनी शुरू कर दी।

स्थानीय थाने में उचित सुनवाई न होने पर आहत परिवार ने माननीय न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, जिसके कड़े आदेश के बाद अब सिकंदरा थाने में सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। फिलहाल पुलिस दुल्हन और इस पूरे खेल के मास्टरमाइंड बिचौलिए की सरगर्मी से तलाश कर रही है।

​शादी की खुशियों के बीच बुना गया ठगी का जाल

आवास विकास कॉलोनी सेक्टर-14 की रहने वाली गुड्डी देवी ने पुलिस को अपनी दर्दभरी दास्तां सुनाते हुए बताया कि उनके तीन बेटे हैं, जिनमें छोटे बेटे राहुल की शादी पहले ही हो चुकी है। उनके बड़े बेटे विश्नू फ्लावर डेकोरेशन का काम करते हैं, और परिवार लंबे समय से उनके एक अच्छे रिश्ते की तलाश में जुटा था। इसी खोजबीन के दौरान उनकी मुलाकात शमसाबाद निवासी जवाहर सिंह नामक एक व्यक्ति से हुई।

​आरोप है कि जवाहर सिंह ने प्रयागराज की रहने वाली प्रीति नाम की एक युवती के बारे में उन्हें जानकारी दी। बिचौलिए ने परिवार को यह विश्वास दिलाया कि लड़की बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखती है और उसके सिर पर पिता का साया भी नहीं है। इसके अलावा, उसने युवती के भाई धारा सिंह से भी अपनी जान-पहचान होने का दावा किया। लड़की और परिवार की स्थिति को सामान्य समझकर विश्नू के परिजनों ने इस रिश्ते पर अपनी सहमति जता दी।

​खर्च के नाम पर वसूले गए डेढ़ लाख रुपये

गुड्डी देवी के अनुसार, युवती के भाई धारा सिंह और उसके अन्य सहयोगियों ने खुद को आर्थिक रूप से कमजोर बताते हुए शादी का पूरा खर्च उठाने में असमर्थता जताई। इसके बाद शादी की खरीदारी और अन्य औपचारिकताओं के नाम पर पीड़ित परिवार से कुल डेढ़ लाख रुपये की मांग की गई।

परिवार का दावा है कि उन्होंने एक लाख रुपये नकद दिए, जबकि 50,500 रुपये सीधे ऑनलाइन माध्यम से ट्रांसफर किए गए। तमाम औपचारिकताएं पूरी होने के बाद 27 जून 2026 को वैवाहिक रस्में संपन्न हुईं। नई नवेली दुल्हन के रूप में प्रीति जब घर पहुँची, तो पूरे परिवार में हर्षोल्लास का माहौल था और किसी को दूर-दूर तक इस बात का अंदेशा नहीं था कि यह खुशियां चंद दिनों की मेहमान हैं।

सुबह उठने पर गायब मिली दुल्हन, घर से उड़ाए जेवर और नकदी

शादी के ठीक पाँच दिन बाद यानी 3 जुलाई की सुबह जब गुड्डी देवी सोकर उठीं, तो उन्होंने रोज की तरह अपनी बहू प्रीति को चाय के लिए आवाज लगाई। काफी देर तक जब अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो परिवार ने कमरों की तलाशी ली। प्रीति घर से गायब थी। शुरुआत में सबको लगा कि वह शायद आसपास ही कहीं टहलने गई होगी, लेकिन घंटों बीत जाने के बाद भी जब उसका कोई सुराग नहीं लगा, तो परिवार के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गईं।

​इसके बाद जब घर में रखे सामान और बक्शों की जांच की गई, तो परिवार के होश फाख्ता हो गए। दुल्हन अपने साथ घर में रखे तमाम कीमती सोने-चांदी के जेवर और नकदी लेकर चंपत हो चुकी थी।

परिवार का दावा— 11 लाख रुपये की लगाई चपत

पीड़ित परिवार और खुद दूल्हे विश्नू ने दावा किया कि यह महज चोरी नहीं, बल्कि एक सुनियोजित ठगी का षड्यंत्र था। दुल्हन अपने साथ मंगलसूत्र, लॉकेट, दो सोने की अंगूठियां समेत लगभग दो तोले सोना ले उड़ी, जिसकी कीमत करीब तीन लाख रुपये है। इसके अलावा करीब 250 ग्राम चांदी की पायजेब, चांदी की करधनी, शादी के महंगे कपड़े और मुंहदिखाई में मिले 16 हजार रुपये नकद भी गायब मिले।

​यही नहीं, घर की छोटी बहू मधू के भी सोने का मंगलसूत्र, अंगूठी, पायजेब और 15 हजार रुपये नकद चोरी हो गए।

दूल्हे विश्नू का कहना है कि कुल मिलाकर दुल्हन करीब चार तोला सोना और एक किलो चांदी के जेवर समेटकर फरार हुई है। इस तरह नकदी और जेवरों को मिलाकर उनके परिवार को लगभग 11 लाख रुपये की भारी-भरकम चपत लगी है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और मनोबल पूरी तरह टूट गया है।

​बिचौलिए ने मदद करने के बजाय दी धमकी

घटना के तुरंत बाद घबराए परिवार ने शादी कराने वाले बिचौलिए जवाहर सिंह से संपर्क किया और उसे पूरी स्थिति से अवगत कराया। आरोप है कि जवाहर सिंह ने शुरुआती दौर में तो पुलिस से शिकायत न करने की नसीहत दी और भरोसा दिलाया कि वह खुद लड़की को वापस ढूँढकर ले आएगा। हालांकि, कई दिनों तक जब कोई नतीजा नहीं निकला और परिवार ने दबाव बनाया, तो बिचौलिए के तेवर बदल गए। वह मदद करने के बजाय उल्टा पीड़ित परिवार को धमकाने लगा। गुड्डी देवी का आरोप है कि जवाहर सिंह ने उन्हें इस पूरे मामले में कानूनी पचड़ों और झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी, जिसके बाद मजबूरन उन्हें न्याय के लिए थाने का दरवाजा खटखटाना पड़ा।

​न्यायालय के हस्तक्षेप से दर्ज हुआ मुकदमा

परिवार का आरोप है कि उन्होंने स्थानीय सिकंदरा थाने में पूरी घटना की लिखित शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस स्तर से कोई त्वरित और ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं की गई। जब हर तरफ से निराशा हाथ लगी, तब परिवार ने अदालत की शरण ली। न्यायालय के स्पष्ट और सख्त आदेश के बाद आखिरकार सिकंदरा थाने में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी सिटी सैय्यद अली अब्बास ने मीडिया को जानकारी दी कि पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई कर रही है। फरार दुल्हन की धरपकड़ के लिए पुलिस टीमें गठित कर दी गई हैं। इसके साथ ही, इस पूरी शादी के ताने-बाने को बुनने वाले बिचौलिए की भूमिका और उसके पिछले रिकॉर्ड की भी गहनता से छानबीन की जा रही है।

​पुलिस अब इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि क्या यह कोई संगठित ‘लुटेरी दुल्हन’ का गिरोह है, जो भोले-भाले परिवारों को अपने जाल में फंसाकर ठगी को अंजाम देता है। दुल्हन की गिरफ्तारी और बिचौलिए से पूछताछ के बाद ही इस पूरे अंतरराज्यीय या स्थानीय ठगी के नेटवर्क की परतें पूरी तरह से उजागर हो सकेंगी।