आगरा: मनकामेश्वर मंदिर के निकट सार्वजनिक स्थान को कब्जाने और वहां अवैध रूप से दुकान का विस्तार करने का प्रयास करने वाले एक दुकानदार को नगर निगम प्रशासन की सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। नगर निगम के प्रवर्तन दल ने मौके पर पहुँचकर पक्के निर्माण और शटर लगाने की कोशिश को न केवल नाकाम किया, बल्कि संबंधित दुकानदार पर जुर्माना भी लगाया है।
क्या था पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, मनकामेश्वर मंदिर क्षेत्र में एक प्रसाद विक्रेता, अनुज कुमार शर्मा द्वारा मंदिर के निकट सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण किया जा रहा था। दुकानदार का उद्देश्य दुकान को आगे बढ़ाकर वहां पक्का निर्माण करना था, जिसके लिए उसने शटर लगाने की तैयारी भी कर ली थी। स्थानीय स्तर पर हो रहे इस अनधिकृत निर्माण की सूचना नगर निगम के अधिकारियों को मिली, जिसके बाद प्रवर्तन दल तत्काल हरकत में आया।
तत्काल जुर्माना और कड़ी चेतावनी
मौके पर पहुँचे नगर निगम अधिकारियों ने निर्माण कार्य को नियमों के विरुद्ध पाते हुए उसे तत्काल प्रभाव से रुकवा दिया। अधिकारियों ने अनुज कुमार शर्मा पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया। साथ ही, नगर निगम ने दुकानदार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है कि वह अपने स्तर पर अवैध निर्माण को हटाकर स्थल को पूर्ववत स्थिति में लाए।
ध्वस्तीकरण की तैयारी
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि यदि दुकानदार ने चेतावनी के बावजूद अवैध निर्माण नहीं हटाया, तो निगम प्रशासन स्वयं उसे ध्वस्त कर देगा। अधिकारियों ने यह भी साफ कर दिया कि ध्वस्तीकरण की इस पूरी प्रक्रिया का खर्च संबंधित दुकानदार से ही वसूला जाएगा।
नगर निगम ने चेतावनी दी है कि शहर के प्रमुख मार्गों, सार्वजनिक स्थानों और विशेषकर धार्मिक स्थलों के आसपास किसी भी प्रकार का अतिक्रमण कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
शहर भर में चलेगा अभियान
नगर निगम के प्रवर्तन दल का कहना है कि आम नागरिकों के सुगम आवागमन और सार्वजनिक सुविधाओं को सुरक्षित रखने के लिए अतिक्रमण विरोधी अभियान को और तेज किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले न केवल आर्थिक दंड के भागी होंगे, बल्कि उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही और निर्माण गिराने जैसी दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।


