आगरा-अलीगढ़ हाईवे पर भीषण हादसा: कंटेनर और डंपर की टक्कर के बाद लगी आग, जिंदा जले चालक और क्लीनर; सिर्फ बचीं हड्डियां

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आगरा: उत्तर प्रदेश के ताजनगरी आगरा में शनिवार की सुबह एक बेहद दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाला सड़क हादसा सामने आया है। आगरा-अलीगढ़ हाईवे पर थाना खंदौली क्षेत्र के अंतर्गत गिट्टी से भरे एक डंपर और फ्रोजन मटर लदे कंटेनर के बीच हुई भीषण टक्कर के बाद दोनों भारी वाहनों में भयंकर आग लग गई। इस दुर्घटना में डंपर के केबिन के भीतर फंसे चालक और क्लीनर को संभलने का मौका तक नहीं मिला और दोनों की जिंदा जलकर अत्यंत दर्दनाक मौत हो गई। आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दोनों के शव पूरी तरह जलकर कोयला हो गए और सीट से चिपक गए, जिससे मौके पर केवल उनकी हड्डियां ही शेष बचीं। इस भीषण हादसे में कंटेनर चालक और पीछे से आ रहे दो बाइक सवार युवक भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

​धमाके जैसी आवाज के साथ उठीं आग की ऊंची लपटें

प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के अनुसार, यह भयानक हादसा शनिवार सुबह करीब 5:45 बजे हुआ। हाईवे पर अचानक तेज रफ्तार कंटेनर और डंपर की आमने-सामने की जोरदार भिड़ंत हुई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि एक तेज धमाके जैसी आवाज गूंज उठी। इसके कुछ ही पलों के भीतर दोनों वाहनों से धुएं का गुबार उठने लगा और देखते ही देखते आग की ऊंची-ऊंची लपटों ने दोनों वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। इस खौफनाक मंजर को देखकर आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तुरंत मौके पर रवाना हुईं। आग इतनी विकराल थी कि राहत और बचाव कार्यों में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। दमकल कर्मियों को आग बुझाने में करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।

​कंटेनर चालक ने कूदकर बचाई अपनी जान

प्राप्त प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गिट्टी से भरा डंपर अलीगढ़ की तरफ से आगरा की ओर आ रहा था, जबकि सामने से फ्रोजन मटर लादकर एक कंटेनर चंदौसी से गुजरात की तरफ जा रहा था। खंदौली क्षेत्र में दोनों वाहन आमने-सामने टकरा गए। हादसे के वक्त कंटेनर चला रहे चालक शिवराम (निवासी मुबारकपुर, फतेहाबाद) ने सूझबूझ दिखाते हुए चलती गाड़ी से नीचे छलांग लगा दी और अपनी जान बचाई। हालांकि, आग की चपेट में आने और कूदने के कारण उनके सिर और पैर में गंभीर चोटें आई हैं।

​दूसरी ओर, डंपर के केबिन में बैठे चालक और क्लीनर आग की तेजी से फैलती लपटों के बीच फंस गए। वे केबिन का दरवाजा खोलकर बाहर नहीं निकल सके और अंदर ही जिंदा जल गए। जब दमकल टीम ने आग बुझाई, तो पुलिस ने अंदर जाकर देखा कि दोनों के शव इतनी बुरी तरह जल चुके थे कि उनकी पहचान करना भी नामुमकिन हो गया था।

​पीछे चल रहे बाइक सवार भी हुए हादसे का शिकार

इस दुर्घटना की चपेट में पीछे से आ रहे दो अन्य बाइक सवार युवक भी आ गए। डंपर के अचानक ब्रेक लगाने और सामने भीषण आग लगने के कारण उनकी बाइक भी अनियंत्रित होकर डंपर से जा टकराई। इस हादसे में बाइक सवार सुमित सिंह और सीटू (निवासी नगला जालिम, खंदौली) सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में शामिल सुमित ने बताया कि वे दोनों बाइक से सादाबाद मंडी गए थे और लौटते वक्त उनके आगे यही डंपर चल रहा था। अचानक हुए इस घटनाक्रम के बाद वे भी गंभीर रूप से जख्मी हो गए, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया।

​नींद की झपकी को माना जा रहा हादसे का मुख्य कारण

पुलिस की शुरुआती जांच-पड़ताल में यह अंदेशा जताया जा रहा है कि डंपर चालक को सुबह के वक्त अचानक नींद की झपकी आ गई होगी, जिसके चलते वाहन बेकाबू होकर सामने से आ रहे कंटेनर से जा भिड़ा। हालांकि, पुलिस सभी संभावित पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है। इस दुर्घटना के कारण आगरा-अलीगढ़ हाईवे पर यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की मीलों लंबी कतारें लग गईं और लगभग पांच किलोमीटर लंबा भीषण जाम लग गया। पुलिस ने क्रेन की सहायता से दोनों जले हुए और क्षतिग्रस्त वाहनों को हाईवे से हटवाकर किनारे करवाया और काफी मशक्कत के बाद यातायात को सुचारू कराया।

​फिलहाल, पुलिस ने दोनों जले हुए शवों को अपने कब्जे में लेकर उनकी शिनाख्त के प्रयास तेज कर दिए हैं। वाहनों के रजिस्ट्रेशन दस्तावेजों के आधार पर मृतकों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है ताकि उनके परिजनों को इस अप्रत्याशित वज्रपात की सूचना दी जा सके।