होर्मुज संकट: दक्षिण कोरिया लेगा बड़ा एक्शन, समुद्री मार्ग खुलवाने के लिए अमेरिका के साथ मिलाया हाथ

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नई दिल्ली/सियोल: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण बंद हुए ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को दोबारा शुरू कराने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है। इसी क्रम में अब दक्षिण कोरिया एक बड़ी भूमिका निभाने की तैयारी में है। दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री आह्न ग्यु-बैक ने अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक में साफ किया है कि उनका देश एक जिम्मेदार वैश्विक सदस्य के रूप में इस संकट को सुलझाने के लिए चरणबद्ध तरीके से अपना योगदान देगा।

​सैन्य मदद नहीं, लेकिन इन विकल्पों पर विचार

साउथ कोरिया रक्षा मंत्री आह्न ग्यु-बैक के मुताबिक उसके ऑप्शंस में राजनीतिक समर्थन, एक्सपर्ट्स या पर्सोनेल की तैनाती, खुफिया जानकारी शेयर करना और कुछ मिलिट्री रिसोर्सेज की उपलब्धता जैसे कदम शामिल हो सकते हैं। हालांकि आह्न ग्यु-बैक ने आगे कहा कि मिलिट्री से जुड़े फैसले घरेलू कानूनी प्रोसीजर्स के तहत ही लिए जाएंगे। साउथ कोरिया के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर वि सुंग-लाक ने भी संकेत दिया कि देश अमेरिकी नेतृत्व वाले मैरीटाइम फ्रीडम कंस्ट्रक्ट में शामिल होने पर विचार कर रहा है, जिसका मकसद स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में सुरक्षित समुद्री मार्ग सुनिश्चित करना है।

​ कोरियाई जहाज पर हमले से बढ़ा तनाव

हाल ही में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के निकट एक दक्षिण कोरियाई व्यापारिक जहाज पर हुए अज्ञात हमले ने सियोल की चिंता बढ़ा दी है। इस हमले के पीछे कौन है, इसकी जांच अभी जारी है। दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति कार्यालय ने आधिकारिक बयान में कहा है कि पूरी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कड़ा फैसला लिया जाएगा।

​अमेरिका का ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ और सहयोगियों पर दबाव

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सहयोगी देशों से अपील की है कि वे सुरक्षा खतरों के खिलाफ एकजुट हों। उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा शुरू किए गए ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ (Operation Epic Fury) का विशेष उल्लेख किया, जिसे वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और अमेरिकी हितों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हेगसेथ ने दक्षिण कोरिया द्वारा रक्षा बजट बढ़ाने और कोरियाई प्रायद्वीप की सुरक्षा में अधिक जिम्मेदारी लेने के फैसलों की सराहना भी की।

दक्षिण कोरिया के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर वि सुंग-लाक ने भी संकेत दिए हैं कि दक्षिण कोरिया जल्द ही समुद्री मार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले अंतरराष्ट्रीय ढांचे का हिस्सा बन सकता है।