आगरा: शारदा विश्वविद्यालय, आगरा के ‘शारदा स्कूल ऑफ बिजनेस स्टडीज’ के अंतर्गत संचालित शारदा बिजनेस क्लिनिक द्वारा आयोजित तीन दिवसीय विशेष ऑनलाइन कार्यक्रम “जीएसटी सर्टिफिकेट कोर्स: लेवल-1 (बैच-3)” का सफलतापूर्वक समापन हो गया। इस ज्ञानवर्धक सत्र में न केवल विद्यार्थियों, बल्कि शोधार्थियों, संकाय सदस्यों, जीएसटी प्रैक्टिशनर्स और विभिन्न क्षेत्रों के पेशेवरों ने देश के कोने-कोने से हिस्सा लिया।
वरिष्ठ नेतृत्व का रहा मार्गदर्शन
इस कार्यक्रम की सफलता में विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. (डॉ.) जयंती रंजन (मुख्य संरक्षक) और बिजनेस स्कूल के डीन प्रो. (डॉ.) साकेत जेसवानी (संरक्षक) का विशेष मार्गदर्शन और प्रेरणादायी सहयोग रहा। विश्वविद्यालय के चांसलर पी. के. गुप्ता और प्रो-चांसलर वाई. के. गुप्ता ने पूरी टीम को इस सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
दिग्गज सीए विशेषज्ञों ने साझा किया अनुभव
कोर्स के दौरान विषय विशेषज्ञों ने जीएसटी के व्यावहारिक और कानूनी पहलुओं पर गहन प्रकाश डाला। मुख्य वक्ताओं में शामिल थे:
सीए संजीव सिंह ठाकुर (संयोजक): इन्होंने व्यावसायिक सशक्तिकरण में कौशल आधारित कार्यक्रमों की भूमिका पर जोर दिया।
सीए अंकित मित्तल (चेयरमैन, CICASA, आगरा): इन्होंने जीएसटी के तकनीकी ढांचे को समझाया।
सीए रूपल गर्ग (जीएसटी विशेषज्ञ): इन्होंने महत्वपूर्ण विषयों जैसे सप्लाई का अर्थ, कंपोजिशन स्कीम, टाइम ऑफ सप्लाई, प्लेस ऑफ सप्लाई, रजिस्ट्रेशन और रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म (RCM) पर विस्तार से जानकारी साझा की।
छात्र समन्वय और सुचारु संचालन
कार्यक्रम को सफल बनाने में छात्र आयोजन सचिव ऋषित जैन और छात्र समन्वयक दीपांशी शर्मा की भूमिका सराहनीय रही। उनके प्रभावी समन्वय के चलते तीन दिवसीय सत्र निर्बाध रूप से संपन्न हुआ। समापन के अवसर पर सभी सफल प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
संयोजक सीए संजीव सिंह ठाकुर ने अंत में सभी विशेषज्ञ वक्ताओं और आयोजन टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने प्रतिबद्धता जताई कि विश्वविद्यालय भविष्य में भी ऐसे उपयोगी और कौशल-आधारित व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर करता रहेगा, ताकि छात्र और पेशेवर खुद को बाजार की जरूरतों के अनुरूप तैयार कर सकें।

