लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को राजधानी लखनऊ में ‘उत्तर प्रदेश घुमन्तू विकास बोर्ड’ के औपचारिक गठन के उपलक्ष्य में विमुक्त, अर्ध-घुमन्तू एवं घुमन्तू समाज की तरफ से आयोजित एक विशाल आभार ज्ञापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए।
इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘सबका साथ, सबका विकास’ का मूल मंत्र आज बिना किसी जातिगत या क्षेत्रीय भेदभाव के समाज के प्रत्येक वर्ग के उत्थान और उसके सामाजिक सम्मान का मजबूत आधार बन चुका है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की डबल इंजन सरकार किसी भी प्रकार के जाति, क्षेत्र और भाषा के भेदभाव से पूरी तरह ऊपर उठकर राज्य के प्रत्येक पात्र नागरिक तक शासन की सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
घुमन्तू जातियों के बच्चों की शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन जातियों के साथ-साथ अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए सरकार ने आधुनिक सुविधाओं से युक्त ‘आश्रम पद्धति विद्यालय’ स्थापित किए हैं। इन आवासीय विद्यालयों में बच्चों को अत्याधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ रहने (Lodging) और खाने-पीने (Fooding) की पूरी तरह निःशुल्क सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
’विमुक्त जातियों को कोई क्रिमिनल ट्राइब नहीं कह सकता’
विमुक्त जातियों के ऐतिहासिक योगदान को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेहद महत्वपूर्ण बात कही कि देश की आजादी के इतने साल बाद भी अब कोई भी व्यक्ति विमुक्त जातियों को ‘क्रिमिनल ट्राइब’ (अपराधी जनजाति) नहीं कह सकता है। ये वे महान समुदाय और लोग हैं, जिन्होंने भारत के स्वाधीनता संग्राम में अपना अत्यंत महत्वपूर्ण और उल्लेखनीय योगदान दिया था।
उन्होंने कहा कि देश के इन स्वाधीनता संग्राम सेनानियों को इतिहास में जो वास्तविक सम्मान मिलना चाहिए था, उसी सम्मान और गौरव को पुनर्जीवित करने के संकल्प के साथ आज डबल इंजन की सरकार पूरी ताकत से कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियों और वंचितों के कल्याण की बात करते हुए आगे बताया कि उत्तर प्रदेश में आजादी के बाद पहली बार ‘वनटांगिया गांवों’ को आधिकारिक रूप से ‘राजस्व गांव’ के रूप में मान्यता दी गई है। आज वहां के लोग भी समाज की मुख्यधारा के साथ जुड़कर गर्व से जीवन जी रहे हैं। इसी तरह, ‘मुसहर समाज’ का पहले कोई सुध लेने वाला या संरक्षक नहीं था, लेकिन उन्हें भी शासन की सभी प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं से संतृप्त करने का ऐतिहासिक कार्य किया गया है। इसके अलावा थारू, गोंड, चेरो, बुक्सा, कोल और सहरिया जैसी तमाम पिछड़ी और उपेक्षित जनजातियों व समुदायों को डबल इंजन सरकार ने सरकारी योजनाओं के दायरे में लाकर उनके जीवन स्तर को ऊंचा उठाया है।
’उत्थान की यात्रा की नई कड़ी है घुमन्तू विकास बोर्ड’
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से वादा किया था कि सरकार की योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचेगा। आज ‘सबका साथ, सबका विकास’ का यही पावन मंत्र समाज के हर वर्ग के उत्थान का मार्ग प्रशस्त कर रहा है और इसी उत्थान की यात्रा की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और नई कड़ी का नाम ‘उत्तर प्रदेश घुमन्तू विकास बोर्ड’ है।


