काशी में गंगा की मर्यादा तार-तार: स्नान करते हुए बीयर पी रहा था युवक, वीडियो वायरल होने पर दर्ज हुआ केस

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वाराणसी: आध्यात्मिक नगरी काशी में मां गंगा की पवित्रता को धूमिल करने का एक और शर्मनाक मामला सामने आया है। गंगा में डुबकी लगाने के दौरान एक युवक द्वारा खुलेआम बीयर पीने का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया है। वीडियो वायरल होते ही आक्रोशित लोगों ने इसे आस्था पर प्रहार करार दिया है, जिसके बाद हरकत में आई वाराणसी पुलिस ने आरोपी की पहचान कर उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।

​नाविकों ने पकड़ी हरकत, वीडियो हुआ वायरल

​गंगा घाट पर तैनात नाविकों ने जब देखा कि एक युवक स्नान करने के बजाय बीयर पी रहा है, तो उन्होंने तुरंत उसका वीडियो बनाना शुरू कर दिया। नाविकों ने इसका विरोध किया और युवक को खरी-खोटी सुनाई, लेकिन तब तक यह वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो चुका था।

वीडियो सामने आते ही देशभर के श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की भावनाएं आहत हुईं। अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी ने भी मामले में शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि ऐसे कृत्य न केवल धार्मिक आस्था का अपमान हैं, बल्कि समाज में द्वेष फैलाने की साजिश हैं।

​आरोपी बिहार का रहने वाला, पुलिस की दबिश

पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी युवक बिहार के रोहतास जिले का निवासी है। वीडियो के वायरल होने के बाद वाराणसी पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए युवक के खिलाफ ‘धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने’ के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया है। एसीपी अतुल अनजान ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की एक विशेष टीम गठित कर दी गई है और उसे जल्द ही सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।

​’धार्मिक स्थलों की मर्यादा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं’

एसीपी अतुल अनजान ने इस घटना के बाद लोगों से कड़वी अपील की है। उन्होंने कहा कि काशी जैसे धार्मिक और पर्यटन स्थलों की मर्यादा बनाए रखना हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में गंगा घाटों या किसी भी धार्मिक स्थल पर ऐसी हरकतें दोहराई गईं, तो असामाजिक तत्वों के खिलाफ कानून की सबसे कठोर धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।

​बता दें कि पिछले कुछ समय में हरिद्वार और अन्य पवित्र स्थलों से भी इस तरह की घटनाएं सामने आई हैं, जो तीर्थ स्थलों पर सुरक्षा और अनुशासन व्यवस्था को लेकर बड़े सवाल खड़ा कर रही हैं। काशी की इस घटना ने एक बार फिर से घाटों पर बढ़ती निगरानी की आवश्यकता को रेखांकित किया है।