UNSC में भारत की स्थायी सदस्यता पर फिनलैंड की मुहर: राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब बोले- ‘यह वैश्विक वास्तविकता की जरूरत’

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​नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में स्थायी सदस्यता के भारत के प्रयासों को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने भारत की दावेदारी का जोरदार समर्थन करते हुए इसे आज के दौर की “अनिवार्य वास्तविकता” बताया है। गुरुवार को नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने यह महत्वपूर्ण बयान दिया।

बदलते जियोपॉलिटिक्स में भारत की भूमिका

फिनलैंड के राष्ट्रपति ने वैश्विक व्यवस्था में सुधारों की वकालत करते हुए कहा कि दुनिया अब बदल रही है और ग्लोबल साउथ के देश इस बदलाव को आकार देने में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा, “ग्लोबल ऑर्डर में हम बदलाव के दौर से गुजर रहे हैं। ग्लोबल साउथ में अपने मित्रों के साथ मिलकर भारत यह तय करेगा कि भविष्य का विश्व आदेश किस दिशा में जाएगा।”

रूस-यूक्रेन और पश्चिम एशिया पर गहरी चर्चा

​प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपनी मुलाकात के दौरान राष्ट्रपति स्टब ने पश्चिम एशिया और यूरोप में जारी संघर्षों पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि यह जंग काफी लंबी खिंच गई है और इसका अंत सभी के हित में है। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्थायी शांति वही है जो संयुक्त राष्ट्र के सिद्धांतों और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करे।

रायसीना डायलॉग में उठेगी सुधारों की मांग

राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने संकल्प जताया कि वे रायसीना डायलॉग 2026 के मंच से भी संयुक्त राष्ट्र की व्यवस्था में बदलाव का मुद्दा उठाएंगे। उन्होंने तर्क दिया कि मल्टीलैटेरल सिस्टम (बहुपक्षीय व्यवस्था) में श्रम और शक्ति का वितरण आज के विश्व की वास्तविक तस्वीर के अनुरूप होना चाहिए, और इसीलिए सुरक्षा परिषद में भारत के लिए एक स्थायी सीट अत्यंत महत्वपूर्ण है।

​चीन के रुख में भी नरमी के संकेत

रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत की UNSC सदस्यता को लेकर लंबे समय से अड़ंगा लगा रहे चीन के रुख में भी हाल ही में बदलाव देखा गया है। चीन ने कहा है कि वह सुरक्षा परिषद में भारत की आकांक्षाओं को समझता है और उनका सम्मान करता है। फिनलैंड जैसे यूरोपीय देश का यह खुला समर्थन भारत की कूटनीतिक जीत माना जा रहा है।