नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के बाद मंडराते ऊर्जा संकट ने भारतीय रसोइयों का मिजाज बदल दिया है। भले ही सरकार ने साफ किया है कि देश में तेल और गैस की सप्लाई में कोई कमी नहीं है, लेकिन ‘पैनिक बाइंग’ (घबराहट में खरीदारी) के चलते लोग अब गैस सिलेंडर के विकल्प के तौर पर इलेक्ट्रिक कुकिंग की ओर दौड़ पड़े हैं। इसका सबसे बड़ा असर ई-कॉमर्स साइट्स पर दिख रहा है, जहाँ इंडक्शन कुकटॉप की बिक्री ने सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं।
महीने भर की सेल सिर्फ एक दिन में!
मार्केट लीडर अमेज़न (Amazon) के आंकड़ों ने विशेषज्ञों को चौंका दिया है। जहाँ सामान्य दिनों में पूरे महीने में करीब 1.80 लाख इंडक्शन बिकते थे, वहीं अब महज एक ही दिन में 1.34 लाख से ज्यादा यूनिट्स की बिक्री दर्ज की गई है। पिछले चार दिनों के आंकड़ों को जोड़ दें तो अमेज़न और अन्य प्लेटफॉर्म्स को मिलाकर करीब 5 लाख इंडक्शन चूल्हे बिक चुके हैं। स्थिति यह है कि अमेज़न पर मौजूद 100 में से 70 कंपनियों का स्टॉक पूरी तरह ‘निल’ हो चुका है।
इन ब्रांड्स की मची ‘लूट’, कुछ ही घंटों में हुए आउट ऑफ स्टॉक
बाजार में पिजन और प्रेस्टीज जैसे भरोसेमंद ब्रांड्स की सबसे ज्यादा मांग रही। एक दिन के डेटा के अनुसार:
पिजन (Pigeon): 30,014 यूनिट्स
प्रेस्टीज (Prestige): 29,878 यूनिट्स
फिलिप्स (Philips): 15,018 यूनिट्स
केंट (Kent): 7,657 यूनिट्स
मिल्टन (Milton): 4,736 यूनिट्स
इसके अलावा एलेन और केडलेक जैसे उभरते ब्रांड्स के भी हज़ारों यूनिट्स हाथों-हाथ बिक गए। मांग इतनी भीषण है कि Blinkit जैसे क्विक डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स पर भी चंद मिनटों में स्टॉक खत्म हो रहा है।
सरकार की अपील: न फैलाएं भ्रम, न करें पैनिक बाइंग
हालाँकि बाज़ार में मची इस हलचल के बीच सरकार ने आधिकारिक बयान जारी कर जनता को आश्वस्त किया है। सरकार ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय तनाव के बावजूद भारत के पास पर्याप्त गैस और तेल का भंडार है। लोगों से अपील की गई है कि वे लंबी लाइनें लगाने या जरूरत से ज्यादा खरीदारी करने से बचें। लेकिन, सुरक्षित भविष्य की चाहत में लोग फिलहाल इलेक्ट्रिक विकल्पों को ही प्राथमिकता दे रहे हैं।
क्या बदल जाएगा कुकिंग का तरीका?
अमेज़न डिजिटल सेंटर, सूरत के बिजनेस हेड संदीप काथिरिया का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय अनिश्चितता बनी रही, तो इलेक्ट्रिक कुकिंग डिवाइस का बाज़ार स्थायी रूप से बड़ा हो सकता है। लोग अब गैस पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए हाइब्रिड मॉडल (गैस + इंडक्शन) को भविष्य मान रहे हैं।
क्यों बढ़ी डिमांड?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि एलपीजी की सप्लाई में आ रही दिक्कतों के कारण मध्यम वर्गीय परिवारों ने बैकअप के तौर पर इंडक्शन खरीदना शुरू कर दिया है। इसके अलावा, ऑनलाइन सेल में मिल रहे डिस्काउंट और होम डिलीवरी की सुविधा ने भी इस सेल को रफ्तार दी है। फिलहाल, कई इलाकों में इंडक्शन की कीमतें भी बढ़ने की खबरें सामने आ रही हैं।

