आगरा: ताजनगरी के थाना इरादतनगर क्षेत्र के दारापुरा गांव में सोमवार को एक खौफनाक हादसा हो गया। मंदिर में श्रद्धा भाव से पूजा-अर्चना करने पहुँची एक महिला जैसे ही घंटे को छूने के लिए बढ़ी, वह काल का ग्रास बन गई। मंदिर के ऊपर से गुजर रही 11000 वोल्ट की हाईटेंशन लाइन के कारण पूरे मंदिर परिसर में करंट फैल गया था, जिसकी चपेट में आने से 49 वर्षीय पुष्पा की मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई। इस घटना के बाद से पूरे गांव में मातम और बिजली विभाग के खिलाफ भारी गुस्सा व्याप्त है।
कैसे हुआ यह रूह कंपा देने वाला हादसा?
जानकारी के मुताबिक, दारापुरा गांव स्थित इस मंदिर के ठीक ऊपर से हाईटेंशन विद्युत लाइन गुजर रही है। लंबे समय से यह लाइन नीचे की ओर झुकी हुई थी। सोमवार को हवा या ढीलेपन के कारण 11 हजार वोल्ट की यह लाइन मंदिर की बुर्जी पर लगे लोहे के त्रिशूल से स्पर्श हो गई। त्रिशूल से लोहे की एक जंजीर जुड़ी थी, जिससे पूजा का घंटा बंधा हुआ था। देखते ही देखते करंट त्रिशूल से होता हुआ जंजीर और फिर घंटे तक पहुँच गया।
ग्रामीण नीरज बाबू की पत्नी पुष्पा (49 वर्ष) जब मंदिर में दाखिल हुईं और परंपरा के अनुसार घंटा बजाने के लिए उसे छुआ, तो उन्हें जोरदार करंट लगा। हाई वोल्टेज का झटका इतना भीषण था कि पुष्पा को संभलने का मौका तक नहीं मिला और उनके प्राण-पखेरू उड़ गए।
बिजली विभाग की ‘कातिल’ लापरवाही
ग्रामीणों का आरोप है कि यह हादसा कोई इत्तफाक नहीं बल्कि विद्युत विभाग की आपराधिक लापरवाही का नतीजा है। लोगों का कहना है कि मंदिर के पास से गुजर रही इस खतरनाक लाइन की शिकायत कई बार की जा चुकी थी। लाइन काफी नीचे लटक रही थी जिससे किसी अनहोनी का डर हमेशा बना रहता था। लेकिन लापरवाह विद्युत कर्मियों और अधिकारियों ने समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया, जिसका खामियाजा एक मासूम जान को भुगतना पड़ा।
गांव में तनाव और पुलिस की सक्रियता
हादसे के बाद दारापुरा गांव में भारी भीड़ जमा हो गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्रवाई की मांग की है। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुँच गई है और स्थिति को संभालने का प्रयास कर रही है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

