आगरा: उत्तर प्रदेश सरकार ने आगरा नगर निगम के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित 10 मनोनीत पार्षदों की सूची को हरी झंडी दे दी है। 14 मार्च को जारी आधिकारिक अधिसूचना के बाद नगर निगम के गलियारों में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इन नए सदस्यों के जुड़ने से नगर निगम में अब पार्षदों की कुल संख्या 100 से बढ़कर 110 हो गई है।
पुराने दिग्गजों की वापसी और नए चेहरों को जगह
मनोनीत पार्षदों की इस सूची में अनुभवी चेहरों के साथ-साथ संगठन के प्रति समर्पित कार्यकर्ताओं को भी स्थान मिला है। संजय राय और श्रीमती सुषमा जैन पहले भी निर्वाचित पार्षद के रूप में सदन का हिस्सा रह चुके हैं। पिछले चुनाव में टिकट न मिलने के बाद सरकार ने अब उन्हें मनोनयन के जरिए सदन में वापस भेजा है। वहीं, खंदारी क्षेत्र से पिछला चुनाव हारने वाले धर्मवीर सिंह सिकरवार पर भी सरकार ने भरोसा जताते हुए उन्हें मनोनीत किया है।
आगरा उत्तर विधानसभा का दिखा असर
राजनीतिक विशेषज्ञों की मानें तो इस सूची में आगरा उत्तर विधानसभा क्षेत्र का विशेष प्रभाव नजर आ रहा है। कुल 10 नामों में से 5 नाम (संजय राय, अमित अग्रवाल पारुल, सुषमा जैन, धर्मवीर सिकरवार और नितीश भारद्वाज) इसी क्षेत्र से ताल्लुक रखते हैं। स्थानीय स्तर पर इसे चुनावी समीकरणों और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को मजबूत करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
ये हैं सरकार द्वारा नामित 10 पार्षद:
संजय राय (दिल्ली गेट)
अमित अग्रवाल पारुल (कमला नगर)
श्रीमती सुषमा जैन (आवास विकास कॉलोनी)
जितेंद्र सविता (बड़ा उखर्रा)
सुनील कर्मचंदानी (शाहगंज)
पंकज सिकरवार (नावकी सराय)
धर्मवीर सिंह सिकरवार (कैलाश मंडल)
नितीश भारद्वाज (दहतोरा रोड)
हरिओम बघेल (छलेसर)
राहुल वाल्मीकि (ईदगाह कुतलूपुर)
एक साल का इंतजार हुआ खत्म
बता दें कि यह सूची करीब एक साल से शासन स्तर पर लंबित थी। अब अधिसूचना जारी होने के बाद ये पार्षद नगर निगम की आगामी बोर्ड बैठकों और निर्णय प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

