पटना: बिहार की राजनीति में आज एक नया इतिहास रचा गया है। भाजपा के कद्दावर नेता सम्राट चौधरी ने बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण कर ली है। वे भारतीय जनता पार्टी के पहले ऐसे नेता हैं जिन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाली है।
राजभवन में आयोजित एक भव्य समारोह में राज्यपाल अता हसनैन ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। सम्राट चौधरी के साथ सत्ता में साझीदार जनता दल यूनाइटेड (JDU) की ओर से बिजेंद्र यादव और विजय कुमार चौधरी ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली है।
नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बड़ा उलटफेर
पिछले कुछ दिनों से चल रही राजनीतिक खींचतान का अंत मंगलवार को तब हुआ जब नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया के जरिए स्पष्ट किया कि उन्होंने बिहार के विकास के लिए बहुत काम किया है और अब वे नई सरकार को अपना पूरा सहयोग और मार्गदर्शन देंगे। नीतीश के हटने के बाद भाजपा विधायक दल के नेता चुने गए सम्राट चौधरी ने 202 सदस्य वाले राजग (NDA) के समर्थन के साथ सरकार बनाने का दावा पेश किया था।
शपथ से पहले हनुमान मंदिर में माथा टेका
मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से पहले सम्राट चौधरी अपनी आध्यात्मिक छवि में नजर आए। उन्होंने पटना के प्रसिद्ध पंचरूप हनुमान मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद वे सीधे राजभवन पहुंचे, जहाँ एनडीए के तमाम दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में उन्होंने पदभार संभाला।
सत्ता का नया समीकरण: डिप्टी सीएम पद पर जेडीयू का कब्जा
नई सरकार में शक्ति संतुलन बनाए रखने के लिए जेडीयू को दो उपमुख्यमंत्री पद दिए गए हैं। अनुभवी नेता बिजेंद्र यादव और विजय कुमार चौधरी अब सम्राट चौधरी की टीम में डिप्टी सीएम की भूमिका निभाएंगे। माना जा रहा है कि यह गठबंधन बिहार में प्रशासनिक अनुभव और आक्रामक राजनीति का एक नया मेल साबित होगा। कैबिनेट का विस्तार आने वाले कुछ दिनों में किया जाएगा, जिसमें भाजपा और जेडीयू के अन्य विधायकों को मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
बधाइयों का तांता
सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह समेत एनडीए के तमाम बड़े नेताओं ने उन्हें बधाई दी है। विपक्ष की ओर से भी इस नए नेतृत्व को लेकर प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। फिलहाल, पटना की सड़कों पर भाजपा कार्यकर्ताओं का जश्न चरम पर है और लोग इसे बिहार के विकास के नए अध्याय के रूप में देख रहे हैं।

