आगरा में ‘सीएम ग्रिड’ योजना की सुस्त रफ्तार पर डीएम का प्रहार: ठेकेदारों को चेतावनी, बोले- समय पर काम नहीं तो होगी सख्त कार्रवाई

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आगरा। मुख्यमंत्री ग्रिड (सीएम ग्रिड) योजना के तहत शहर को ‘मॉडल सड़कों’ से जोड़ने की महत्वाकांक्षी परियोजना की धीमी चाल पर जिलाधिकारी मनीष बंसल ने कड़ा रुख अपनाया है। समीक्षा बैठक के दौरान परियोजनाओं की सुस्त प्रगति पर नाराजगी जताते हुए डीएम ने कार्यदायी संस्थाओं और ठेकेदारों को कड़ी फटकार लगाई और स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा नहीं हुआ, तो जिम्मेदार लोगों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर जवाब-तलब

डीएम मनीष बंसल ने शहर में चल रही विभिन्न सड़क परियोजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान हरीपर्वत–राजामंडी मार्ग और टेढ़ी बगिया सड़क परियोजना की प्रगति क्रमशः महज 15 प्रतिशत और 10 प्रतिशत पाई गई। इस अत्यंत धीमी गति को देखते हुए डीएम ने संबंधित ठेकेदारों से देरी का स्पष्टीकरण मांगा और कार्यस्थल पर मैनपावर, मशीनरी व संसाधनों को तुरंत बढ़ाने के निर्देश दिए।

गुणवत्ता और सुरक्षा से समझौता नहीं

जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर जोर देते हुए कहा कि मानक के अनुरूप कार्य न होने पर थर्ड पार्टी से जांच कराई जाएगी। उन्होंने कार्य स्थलों पर सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य बताते हुए कहा ​निर्माण स्थलों पर पर्याप्त बैरिकेडिंग और रिफ्लेक्टर का प्रयोग हो। आमजन और वाहन चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चेतावनी संकेतक लगाए जाएं। ​परियोजना में बाधा बन रहे अतिक्रमण को समन्वय बनाकर शीघ्र हटाया जाए।

अधिकारियों के लिए भी जिम्मेदारी तय

डीएम ने सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे प्रत्येक परियोजना की रोजाना मॉनिटरिंग करें और नियमित प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने दो-टूक शब्दों में कहा कि मुख्यमंत्री ग्रिड जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं है। यदि अनावश्यक देरी पाई गई तो संबंधित ठेकेदारों के साथ-साथ जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

इस बैठक का मुख्य उद्देश्य मॉडल सड़कों के निर्माण को गति देना और जनता को जल्द से जल्द सुगम व सुरक्षित यातायात की सुविधा प्रदान करना है।