आगरा मंडल में श्रमिकों के पंजीकरण में ढिलाई पर मंडलायुक्त सख्त, फिरोजाबाद और मैनपुरी की धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी

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आगरा: सोमवार को आगरा के मंडलायुक्त श्री नगेंद्र प्रताप जी की अध्यक्षता में मंडल स्तरीय श्रम बंधु समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की योजनाओं, ई-श्रम पोर्टल और प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना की विस्तृत समीक्षा की गई। मंडलायुक्त ने मंडल के कुछ जिलों में पंजीकरण और उपकर (Cess) वसूली की धीमी रफ्तार पर कड़ा रुख अपनाते हुए अधिकारियों को फटकार लगाई।​

पंजीकरण में आगरा और मथुरा पिछड़े

समीक्षा के दौरान सामने आया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक मंडल में 33,801 श्रमिकों का पंजीकरण हुआ है। हालांकि, आगरा और मथुरा जिलों में पंजीकरण की प्रगति सबसे कम रही। इस पर मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि मंडल में चल रही हर निर्माण साइट पर काम करने वाले शत-प्रतिशत श्रमिकों का पंजीकरण अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए।

​उपकर (Cess) वसूली: आगरा में केवल 74% लक्ष्य पूरा

भवन एवं अन्य निर्माण कार्यों पर लगने वाले उपकर की समीक्षा में पाया गया कि आगरा जिला निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 74 प्रतिशत ही वसूली कर पाया है, जो मंडल में सबसे कम है। आयुक्त महोदय ने निर्देश दिए कि जिन सरकारी विभागों या कार्यदायी संस्थाओं ने अभी तक उपकर जमा नहीं किया है, उनसे तत्काल पत्राचार कर लक्ष्य पूरा किया जाए।

कारखानों के पंजीकरण पर फिरोजाबाद-मैनपुरी शून्य की ओर

बैठक में कारखानों के पंजीकरण की स्थिति भी संतोषजनक नहीं मिली। मंडल में कुल 262 कारखानों का पंजीकरण हुआ है, लेकिन फिरोजाबाद जिले में इस वर्ष शून्य प्रगति रही, वहीं मैनपुरी में मात्र 6 प्रतिशत ही काम हुआ। मंडलायुक्त ने आगरा संभाग के अधिकारियों को आवंटित लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति बढ़ाने की सख्त हिदायत दी।

​IGRS और विकसित भारत रोजगार योजना

​IGRS पोर्टल: मंडल में कोई भी प्रकरण डिफॉल्टर नहीं है, लेकिन 24 मामले लंबित हैं, जिनमें सर्वाधिक मथुरा के हैं। इन्हें समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए गए।

​विकसित भारत रोजगार योजना: मंडल में 60 प्रतिशत पंजीकरण पूरा हो चुका है। आयुक्त ने उन विभागों की सूची मांगी है जिन्होंने अभी तक श्रमिकों का पंजीकरण नहीं कराया है।

​ई-श्रम पोर्टल: अब तक 35 लाख लाभार्थियों का डेटाबेस तैयार किया जा चुका है।

​बैठक के अंत में विभिन्न श्रमिक संगठनों के पदाधिकारियों ने अपनी समस्याएं और सुझाव रखे, जिस पर मंडलायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए।