प्रवचन: हर समय, हर व्यक्ति युद्ध कर रहा हैः जैन मुनि डा.मणिभद्र महाराज

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आगरा ।नेपाल केसरी और मानव मिलन संगठन के संस्थापक, जैन मुनि डा.मणिभद्र महाराज ने कहा है कि राजा, महाराजा, सेनाएं ही युद्ध नहीं करते, आम व्यक्ति भी बुराइयों से हर समय युद्ध करता है। इस पर विजय केवल भक्ति से पाई जा सकती है। क्योंकि भक्ति से ही शक्ति का संचार होता है।

राजामंडी के जैन स्थानक में भक्तामर अनुष्ठान के तहत प्रवचन करते हुए जैन मुनि ने कहा कि आचार्य मांगतुंग प्रभु की उपासना करते हुए स्तुति करते हैं। वे कहते हैं कि राजाओं की सेनाओं में जब युद्ध हुआ था, तब भी आपने ही उन्हें भक्ति और शक्ति दी थी। जिसने आपकी भक्ति की, उसी को विजय मिली थी। इसी प्रकार आम व्यक्ति भी युद्ध करता है। अपने जीवन को सुखी बनाने के लिए। संत भी युद्ध करते हैं दुगुर्णों से बचने के लिए। कभी-कभी तो कई-कई जन्मों तो साधु-संतों को अपने जीवन के दुर्गुणों से युद्ध करना पड़ता है।वे भी भक्ति के माध्यम से विजय प्राप्त करते हैं। भक्ति करके हर व्यक्ति अपनी शक्ति को बढ़ा सकता है।

जैन मुनि ने कहा कि भक्ति से शक्ति पाने के लिए अहंकार का त्याग करना पड़ता है। क्योंकि जब व्यक्ति के अंदर मैं की भावना आ जाए तो वह न तो तरक्की कर सकता है, न वह शक्ति अर्जित कर सकता है। कुछ लोग यही कहते हैं कि यह सब मैंने ही किया है, मैं ही कर सकता हूं। मैं कोई गलत कार्य नहीं कर सकता। यानि उनमें इतना अहम है कि बुरे कार्य का श्रेय और लोगों को व अच्छे काम का श्रेय स्वयं ले लेते हैं। यही तो अहंकार है। जो श्रेष्ठ होता है, वह मैं की जगह पर हम शब्द का प्रयोग करता है। व्यक्ति अहंकार से स्वयं अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारता है। उस के दर्द का अहसास भी उसे नहीं होता। क्योंकि वह तो अहंकार में अंधा होता है।

जैन मुनि ने मैंना सुंदरी के विवाह की कथा भी सुनाई, जिसमें राजा अपनी बेटी मैना सुंदरी का विवाह अहंकार वश एक कोढ़ी से कर देता है, लेकिन मैना सुंदरी बहुत तपस्वी और धार्मिक थी, उसने अपनी शक्ति और भक्ति से अपने कोढ़ी पति को भी स्वस्थ कर लिया था।

मानव मिलन संस्थापक नेपाल केसरी डॉक्टर मणिभद्र मुनि,बाल संस्कारक पुनीत मुनि जी एवं स्वाध्याय प्रेमी विराग मुनि के पावन सान्निध्य में 37 दिवसीय श्री भक्तामर स्तोत्र की संपुट महासाधना में मंगलवार को 43 वीं गाथा के जाप का लाभ नीतू सचिन जैन परिवार दयालबाग ने लिया। नवकार मंत्र जाप की आराधना कंचन आशू गुप्ता परिवार ने की।

महावीर भवन में 4 एवम 5 अक्टूबर को समाज में बच्चों में जिन धर्म के प्रति जागृति लाने के लिए दो दिवसीय जैन बाल शिक्षा शिविर का भी आयोजन किया गया है।जिसमें प्रथम दिवस 4 वर्ष से लेकर 20 वर्ष तक के 100 से अधिक बच्चो ने भाग लिया। इस शिविर में प्रातः 10 बजे से सायं 4 बजे तक विभिन्न धार्मिक प्रतियोगिताएं हुई जिसमें सभी बच्चों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया।सभी प्रतिभागी बच्चो को नरेश चप्लावत की तरफ से पुरस्कार वितरित किए गए।

-up18news

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