उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानों के तीर और जुबानी जंग लगातार अपने चरम पर है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को ‘स्वाभिमान शून्य’ कहे जाने वाले बयान पर अब डिप्टी सीएम की ओर से बेहद कड़ा और तीखा पलटवार सामने आया है। केशव प्रसाद मौर्य ने दो टूक शब्दों में कहा है कि स्वाभिमान की परिभाषा कभी भी सत्ता की कुर्सी से तय नहीं होती, बल्कि यह विचारों, सिद्धांतों और जनसेवा के प्रति अटूट समर्पण से तय होती है।
अखिलेश यादव पर साधा निशाना, परिवारवाद पर बोला हमला
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर सिलसिलेवार पोस्ट करते हुए डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने सपा प्रमुख पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने लिखा, “अखिलेश जी, स्वाभिमान की परिभाषा सत्ता की कुर्सी से नहीं, बल्कि विचारों, सिद्धांतों और जनसेवा के प्रति समर्पण से तय होती है। मर्यादा की पहली पाठशाला परिवार होता है। मैं खुद को सौभाग्यशाली मानता हूं कि मैंने इसका अपने परिवार, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा में पूरी निष्ठा से पालन किया है, लेकिन आपका ‘पारिवारिक शिष्टाचार’ जगजाहिर है।”
डिप्टी सीएम ने आगे कहा कि भारतीय जनता पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता संघर्ष की भट्ठी में तपकर अपनी जगह बनाता है, वह किसी राजनीतिक खानदान या परिवार की राजनीतिक विरासत का मोहताज नहीं होता। एक कार्यकर्ता के लिए पद हमेशा अस्थायी होता है, लेकिन जनता की सेवा करने का उसका संकल्प हमेशा स्थायी रहता है। इसके विपरीत, परिवारवादी राजनीति के नुमाइंदों की सोच केवल अपने ‘कुनबे की चौखट’ तक ही सीमित होकर रह जाती है, और उनकी पूरी सियासत कुनबे से शुरू होकर कुनबे पर ही दम तोड़ देती है।
”2017 की सत्ता जाने की टीस आज भी आपके दिलो-दिमाग पर छाई है”
सपा प्रमुख पर तंज कसते हुए केशव मौर्य ने आगे कहा कि उन्हें कुर्सी की फिक्र इसलिए इतनी अधिक सता रही है, क्योंकि वर्ष 2017 में हाथ से फिसली सत्ता की ‘टीस’ आज भी उनके दिलो-दिमाग पर गहरी छाई हुई है। उन्होंने दावा किया कि अखिलेश यादव की यह टीस साल 2047 तक ऐसे ही बनी रहेगी, क्योंकि अपने पूर्ववर्ती कुशासन के चलते जो लोग इतिहास के पन्नों में ‘पूर्व’ (पूर्व मुख्यमंत्री) बन चुके हैं, वे अब हमेशा ‘पूर्व’ ही बने रहेंगे।
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डिप्टी सीएम ने विश्वास जताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी पूरी तरह मजबूत है और हम सुशासन व विकास के अपने संकल्प के साथ वर्ष 2027 में एक बार फिर साल 2017 के इतिहास को दोहराएंगे तथा उत्तर प्रदेश में भारी बहुमत के साथ पुनः कमल खिलाएंगे। उन्होंने अंत में तंज कसते हुए कहा, “इसलिए आप स्वाभिमान की दुहाई मत दीजिए, क्योंकि वर्ष 2027 में उत्तर प्रदेश की महान जनता खुद प्रदेश से समाजवादी पार्टी की पूरी तरह सफाई कर देगी।”
