नई दिल्ली/आगरा: संसद के बजट सत्र के दौरान फतेहपुर सीकरी के सांसद और भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार चाहर ने आगरा के बाह-बटेश्वर क्षेत्र के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक मांग उठाई है। उन्होंने सदन में पुरजोर तरीके से वकालत की कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के पैतृक गांव बाह-बटेश्वर को ‘अटल नगर’ घोषित किया जाए और इसे एक स्वतंत्र जिले का दर्जा दिया जाए।
अटल जी की जन्मशती पर ‘सच्ची श्रद्धांजलि’ का प्रस्ताव
सांसद राजकुमार चाहर ने तर्क दिया कि वर्तमान में हम श्रद्धेय अटल जी का जन्म शताब्दी वर्ष मना रहे हैं। ऐसे गौरवशाली अवसर पर उनके पैतृक स्थल को उनके नाम पर नई पहचान देना राष्ट्र की ओर से उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि यह केवल नाम बदलने का प्रस्ताव नहीं, बल्कि इस क्षेत्र के स्वाभिमान और विकास को नई दिशा देने वाला कदम है।
प्रशासनिक मजबूरी: 100 किमी की दूरी बनी बाधा
सांसद ने सदन को अवगत कराया कि बाह-बटेश्वर क्षेत्र आगरा जिला मुख्यालय से लगभग 100 किलोमीटर दूर स्थित है। इतनी अधिक दूरी के कारण स्थानीय किसानों, व्यापारियों और ग्रामीणों को छोटे-छोटे प्रशासनिक कार्यों, तहसील संबंधी मामलों और सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए पूरा दिन और काफी संसाधन खर्च करने पड़ते हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा “नया जिला बनने से न केवल प्रशासनिक दूरियां कम होंगी, बल्कि कानून-व्यवस्था, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में भी अभूतपूर्व सुधार होगा।”
धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर का संगम
अपनी मांग को मजबूती देते हुए राजकुमार चाहर ने इस क्षेत्र के गौरवशाली इतिहास का जिक्र किया:
जैन धर्म का केंद्र: यह क्षेत्र जैन धर्म के 22वें तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ की तपोस्थली ‘शौरीपुर-बटेश्वर’ के रूप में विश्व विख्यात है।
प्राचीन मंदिर समूह: बटेश्वर अपने 101 शिव मंदिरों की श्रृंखला और ऐतिहासिक मेलों के लिए जाना जाता है।
पर्यटन की संभावनाएं: सांसद ने कहा कि यदि इसे जिले का दर्जा मिलता है, तो बुनियादी ढांचे में सुधार होगा जिससे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर इसकी ब्रांडिंग और मजबूत होगी और स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा।
सरकार से अपील: विकास का नया अध्याय
लोकसभा में अपनी बात रखते हुए चाहर ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार से इस संवेदनशील और महत्वपूर्ण विषय पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि बाह क्षेत्र की जनता लंबे समय से इस पहचान और सुविधा की बाट जोह रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सांसद की यह मांग आने वाले समय में आगरा मंडल की राजनीति और क्षेत्रीय विकास के एजेंडे का एक बड़ा केंद्र बिंदु बनेगी।

