आगरा में बोले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, 25 जून की तारीख़ काले इतिहास में दर्ज, 23 साल की उम्र में गया था जेल’

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आगरा: ‘आज 25 जून का दिन है। इसी दिन 1975 में आपातकाल लगाया गया था और लोकतंत्र का गला घोंट दिया गया था। आज के दिन को कोई भी भुला नहीं सकता, किस तरह से तत्कालीन सरकार ने अपने मंसूबों को अंजाम देने के लिए आपातकाल लगा दिया था। अगर बीजेपी लोकतंत्र का गला घोंट रही है तो हिमाचल, कर्नाटक, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार कैसे बन गई।’ यह कहना था देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का।

केंद्र सरकार के 9 साल पूर्ण होने पर भारतीय जनता पार्टी ने महा जनसंपर्क अभियान छेड़ा हुआ है। इस अभियान के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी की जनहित नीतियों और योजनाओं को आम जनमानस तक पहुंचा रही है। इसी जनसंपर्क अभियान को धार देने के लिए राजनाथ सिंह आज आगरा पहुंचे थे। उन्होंने सबसे पहले आगरा की फतेहपुर सीकरी लोकसभा के अंतर्गत कागरौल के किदवई इंटर कॉलेज में पहुंच कर जनसभा को संबोधित किया।

जनसभा को संबोधित करने के दौरान देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह विपक्ष पर पूरी तरह से हमलावर होते हुए दिखाई दिए। उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत आपातकाल लगाए जाने की बात से की। उन्होंने कहा कि आज के दिन को भूले से भुलाया नहीं जा सकता। आज की तारीख का देश के काले इतिहास में दर्ज है। 25 जून 1975 यानी आज ही के दिन तत्कालीन सरकार ने अपने मंसूबों को अंजाम देने के लिए देश में आपातकाल लगाया था।

जनसभा को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मुझे 23 साल की उम्र में आपातकाल के दौरान जेल भेज दिया गया था। उस समय देश लोकतंत्र को बहाल करने के लिए युद्ध के दौर से गुजर रहा था। उन्होंने कहा कि, “जब आपातकाल लगाया गया था, तो मैं भी आंदोलन में शामिल हो गया। मैं 18 महीने जेल में रहा।”

आगरा से है पुराना नाता

लोगों को संबोधित करने के दौरान राजनाथ सिंह पुराने अंदाज में नजर आए। उन्होंने संबोधन की शुरुआत करने से पहले ग्रामीणों से राम राम सा कहा और फिर जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि ‘जब मैं मुख्यमंत्री था तब आप लोगों से मिलना जुलना रहा, मैं भी गांव से ही आता हूं।’