शेयर बाजार में ‘FOMO’ और ‘पैनिक सेलिंग’ पर लगेगी लगाम; डेसिमल पॉइंट एनालिटिक्स ने लॉन्च किया AI प्लेटफॉर्म ‘रक्षक’

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मुंबई (अनिल बेदाग): शेयर बाजार की उठापटक और भावनाओं के भंवर में फंसकर अपना पैसा गंवाने वाले खुदरा निवेशकों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर है। डेसिमल पॉइंट एनालिटिक्स (Decimal Point Analytics) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित एक क्रांतिकारी प्लेटफॉर्म ‘रक्षक’ (Rakshak) लॉन्च किया है। यह प्लेटफॉर्म विशेष रूप से उन छोटे निवेशकों की सुरक्षा के लिए बनाया गया है, जो अक्सर बाजार के शोर में आकर गलत वित्तीय फैसले ले लेते हैं।

निवेशक की ‘मनोवैज्ञानिक कमजोरी’ पहचान लेगा AI

​’रक्षक’ की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह केवल आंकड़ों का विश्लेषण नहीं करता, बल्कि निवेशक के व्यवहार पर नजर रखता है। यह प्लेटफॉर्म निवेशकों की तीन सबसे बड़ी कमजोरियों को टारगेट करता है:

​FOMO (छूट जाने का डर): बढ़ते शेयर को देखकर बिना सोचे-समझे खरीदारी करना।

​पैनिक सेलिंग (घबराहट में बिक्री): बाजार गिरते ही डर के मारे घाटे में शेयर बेचना।

​रिवेंज ट्रेडिंग (बदले की भावना): घाटे की भरपाई के लिए गुस्से में आकर जोखिम भरे सौदे करना।

₹10,000 से मिलेगी ‘संस्थागत’ सुरक्षा

भारत में वर्तमान में 19 करोड़ से अधिक खुदरा निवेशक हैं, जिनमें से बड़ी संख्या उन लोगों की है जो पहली बार बाजार में आए हैं। ‘रक्षक’ इन निवेशकों को वही सुरक्षा प्रदान करेगा जो अब तक केवल बड़े संस्थानों या फंड हाउस के पास उपलब्ध थी। खास बात यह है कि मात्र ₹10,000 के निवेश से भी इस एआई-संचालित सुरक्षा का लाभ उठाया जा सकेगा।

​कैसे काम करता है ‘रक्षक’?

​रियल-टाइम निगरानी: उन्नत मशीन लर्निंग के जरिए यह निवेशक के हर कदम को ट्रैक करता है।

​ऑटोमैटिक पोर्टफोलियो बैलेंसिंग: यह प्लेटफॉर्म खुद-ब-खुद पोर्टफोलियो को निवेशक के दीर्घकालिक लक्ष्यों के अनुसार एडजस्ट कर देता है।

​लगातार सीखना: इसकी एआई प्रणाली डेटा से लगातार सीखती है और हर निवेशक की अलग मानसिकता के हिसाब से खुद को ढाल लेती है।

सुरक्षित निवेश संस्कृति की ओर कदम

वित्तीय जोखिमों के बढ़ते दौर में ‘रक्षक’ का आना एक ‘गेम-चेंजर’ माना जा रहा है। यह न केवल बेहतर रिटर्न सुनिश्चित करने में मदद करेगा, बल्कि भारतीय बाजार में एक सुरक्षित निवेश संस्कृति विकसित करने की दिशा में भी एक मजबूत कदम साबित होगा।