महंगी किताबों के बोझ तले दबे ‘पापा’ पहुंचे कलेक्ट्रेट: आगरा के नामचीन स्कूलों के खिलाफ जिलाधिकारी को सबूतों के साथ ज्ञापन

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आगरा। शिक्षा के नाम पर अभिभावकों की जेब काटने वाले ‘पुस्तक-दुकान माफिया’ के खिलाफ आज प्रोग्रेसिव एसोसिएशन ऑफ पेरेंट्स – टीम पापा ने बड़ा कदम उठाया। संगठन के संस्थापक मनोज शर्मा ने जिलाधिकारी आगरा श्री मनीष बंसल, IAS को 32 निजी स्कूलों की सूची सहित ज्ञापन सौंपकर 15 दिन में जांच की मांग की।

क्या है मामला:

आगरा के CBSE/ICSE समेत छोटे-बड़े 32 निजी विद्यालयों में NCERT व SCERT की किताबों की जगह निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें थोपी जा रही हैं। अभिभावकों को स्कूल द्वारा तय की गई चुनिंदा दुकानों से ही किताब-कॉपी खरीदने को मजबूर किया जा रहा है। इससे प्रति छात्र 5000 से 8000 रुपये का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

ज्ञापन में प्रमुख मांगें:

  1. जिले के सभी 32 चिन्हित विद्यालयों में पुस्तक बिक्री की तत्काल जांच हो
  2. NCERT/SCERT की किताबें ही अनिवार्य की जाएं
  3. किताबें खुले बाजार में उपलब्ध हों, किसी विशेष दुकान से खरीदने का दबाव बंद हो
  4. दोषी स्कूलों व दुकानदारों पर RTE एक्ट व उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय अधिनियम 2018 के तहत कार्रवाई हो
  5. अभिभावकों से वसूली गई अतिरिक्त राशि वापस कराई जाए

संस्थापक मनोज शर्मा ने कहा “शिक्षा के मंदिर को व्यापार का अड्डा नहीं बनने देंगे। जब SRCC में पढ़ने वाली बेटियों के पापा किताब खरीदने के लिए लुटेंगे तो देश कैसे बढ़ेगा? हमने आज DM साहब को सबूतों के साथ ज्ञापन दिया है। अगर 15 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो टीम पापा सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेगी। ये लड़ाई हर उस पापा की है जो अपने बच्चे को पढ़ाना चाहता है।”

ज्ञापन में शामिल प्रमुख स्कूल: दिल्ली पब्लिक स्कूल, सेंट कॉनरेड्स, सेंट पीटर्स, मिल्टन पब्लिक स्कूल, गायत्री पब्लिक स्कूल, आगरा पब्लिक स्कूल, होली पब्लिक स्कूल, एमिटी इंटरनेशनल स्कूल सहित कुल 32 विद्यालय। साथ ही जनपद के सभी बेसिक शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त प्री-प्राइमरी से जूनियर हाईस्कूल तक के निजी विद्यालय भी जांच के दायरे में शामिल करने की मांग की गई है।

जिलाधिकारी महोदय ने ज्ञापन को गंभीरता से लेते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।