​’योगी की पाती’: यूपी बोर्ड के छात्रों के नाम सीएम का भावुक संदेश, असफल बच्चों को दिया ‘चरैवेति’ का मंत्र

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) के 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के लाखों छात्र-छात्राओं के नाम एक विशेष संदेश साझा किया है। ‘योगी की पाती’ शीर्षक वाले इस संदेश में मुख्यमंत्री ने जहाँ सफल छात्रों को बधाई दी, वहीं अपेक्षित परिणाम न ला पाने वाले बच्चों का मनोबल बढ़ाते हुए उन्हें जीवन में कभी न रुकने की प्रेरणा दी।

​’चरैवेति-चरैवेति’ का दिया गुरुमंत्र

मुख्यमंत्री ने उन छात्रों को विशेष रूप से संबोधित किया जो परीक्षा में असफल रहे या जिनके अंक कम आए। उन्होंने लिखा, “सफलता और असफलता जीवन के दो पहलू हैं। हमें निराशा को त्यागकर ‘चरैवेति-चरैवेति’ (चलते रहो-चलते रहो) के मंत्र को अपनाना चाहिए।” उन्होंने जोर देकर कहा कि कोई भी परीक्षा परिणाम जीवन का अंतिम पड़ाव नहीं होता, बल्कि यह एक नए और बेहतर आरंभ का अवसर होता है।

महान विभूतियों का दिया उदाहरण

छात्रों में ऊर्जा भरने के लिए सीएम योगी ने थॉमस अल्वा एडिसन और गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह एडिसन ने हजारों नाकाम प्रयोगों के बाद बल्ब का आविष्कार किया, उसी तरह निरंतर परिश्रम ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने छात्रों से कहा, “याद रखिए, सोना तपकर ही कुंदन बनता है। आज की एक असफलता भविष्य की असीमित सफलताओं की जननी हो सकती है।”

अभिभावकों से खास अपील

मुख्यमंत्री ने अभिभावकों की जिम्मेदारी पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने अपील की कि यदि बच्चा सफल नहीं हुआ है, तो उसे डांटने या निराश करने के बजाय उसका हौसला बढ़ाएं। उन्होंने लिखा, “बच्चे देश का भविष्य हैं। यह समझने का प्रयास करें कि उनकी रुचि किस विषय में है। करियर के ढेरों विकल्प मौजूद हैं, उन्हें पहचानने में बच्चों की मदद करें और उनकी मौलिक प्रतिभा को खिलने का अवसर दें।”

सीएम योगी के इस संदेश ने न केवल छात्रों का तनाव कम किया है, बल्कि शिक्षा को केवल अंकों तक सीमित न रखकर उसे जीवन के सर्वांगीण विकास से जोड़ने का बड़ा संदेश दिया है।