मुरादाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को मुरादाबाद दौरे के दौरान गांधी मैदान में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए जनपद को ₹365.50 करोड़ की 73 विकास परियोजनाओं की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस में विभागीय समीक्षा बैठक लेने के बाद मंच से 136.15 करोड़ रुपये की पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं का लोकार्पण और ₹229.35 करोड़ की नई परियोजनाओं का शिलान्यास किया।
मुरादाबाद का बदला स्वरूप
सीएम योगी ने मुरादाबाद की तुलना 2017 से पहले के दौर से करते हुए कहा कि नौ साल पहले का मुरादाबाद अव्यवस्थाओं के लिए जाना जाता था, लेकिन आज यह अपनी शिक्षा (गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय) और आधुनिक सड़कों के लिए जाना जा रहा है। उन्होंने कहा, “2017 से पहले यूपी ‘बीमारू’ राज्य था, जहां विकास के नाम पर लूट होती थी। आज हमने कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ किया है। “जब अपने अच्छे लोग चुने है, नगर विधायक रितेश गुप्ता को जिताया, उपचुनाव में रामवीर सिंह को चुना है. सत्रह के पहले ऐसा नहीं था.
जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्वागत भाषण में नगर विधायक रितेश गुप्ता ने जनसभा के मंच से मुख्यमंत्री के सामने एक मेडिकल कॉलेज की मांग रखी। साथ ही सर्किट हॉउस के पीछे गांधी मैदान में संस्कृतिक कार्यक्रम के लिए मंच बनाकर जनता के लिए समर्पित करने के लिए आभार व्यक्त किया।
विपक्ष पर तीखे वार
तत्कालीन मुख्यमंत्री एक बजे सो कर उठते थे बड़े घर में जो पैदा हुए थे । जनता की कमाई का पैस पर डकैती की जाती थी । 100 करोड़ की योजना का 500 करोड़ का डीपीआर बनता था । 2017 से पहले पर्व व त्यौहार से पहले दंगे शुरू हो जाते थे। यह यूपी की पहचान थी देख सपाई बिटिया घबराई। 2017 से पहले यूपी बीमारू था विकास के नाम पर लूट थी कार्यक्रम ठप पड़े रहते थे।
अब बाबर का राज नहीं चलेगा
नगर विधानसभा से रितेश गुप्ता, कुंदरकी विधानसभा ठाकुर रामवीर सिंह जीते विकास आ रहा है। कांठ और देहात व अन्य विधानसभाओं में भी भाजपा का विधायक होता तो यहां भी विकास होता। यूपी में अब दंगे नहीं होते, आपने कुंदरकी में तुर्को को पारस्त कर आपने सिद्ध कर दिया की अब बाबर का राज नहीं चलेगा यहां राम का राज चलेगा, सपा की सोच बाबरी सोच है ।
अब पैसा हम मंदिरों के नाम के लिए दे रहे
जातिवादी के नाम पर बांटना, जिससे राष्ट्रवादी सोच कमजोर हो । अब पैसा हम मंदिरों के नाम के लिए दे रहे, पहले पैसा कब्रिस्तान के लिए जाता था यही अंतर है पिछली सरकारों की सोच दंगों की थी, अब यूपी में No कर्फ्यू no दंगा यूपी में सब चंगा । जो राष्ट्रवादी सोच विरोधी होगा, वो मारीच होगा, जो भी किसी को परेशान करेगा वो सोच ले किस रस्ते जाएगा।
सपा मुखिया को सद्बुद्धि आई क्या
अब सपा मुखिया को सद्बुद्धि आई क्या, ये हमारी वैचारिक जीत है। आप अपनी गलतियों का पश्चाताप करेंगे। हमने अयोध्या में किया है, अखिलेश जी आपकी सरकार में तो गोलियां चलवाई थी, अब बारी है बांके बिहारी की, मथुरा वृंदावन के बारे बोलिए वरना जनता झूठ पर विश्वास नहीं करेगी, साइकिल पंचर हो चुकी है। राम नाम का सहरा लेंगे, तो इस जन्म में नहीं तो अगले जन्म में ही कल्याण हो जाएगा।
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