आगरा। बाल संप्रेषण गृह की सुरक्षा व्यवस्था उस समय सवालों के घेरे में आ गई, जब एक बाल अपचारी सुरक्षा घेरा तोड़कर फरार हो गया। हालांकि, उसकी यह कोशिश एक सजग ऑटो चालक की सूझबूझ के आगे नाकाम साबित हुई। इस मामले में लापरवाही बरतने और बाल अपचारी के साथ मारपीट करने के आरोप में जिला प्रोबेशन अधिकारी (डीपीओ) ने पांच कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
ऑटो चालक की सतर्कता से टला संकट
घटना 21 जुलाई की रात करीब 8 बजे की है। बाल अपचारी संप्रेषण गृह की सुरक्षा में सेंध लगाकर बाहर निकलने में सफल हो गया। भागने की फिराक में उसने एक ऑटो का सहारा लिया, लेकिन चालक को किशोर की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। चालक ने बिना समय गंवाए स्थिति को भांपते हुए तुरंत पुलिस और अधिकारियों को सूचित कर दिया। सतर्क पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बाल अपचारी को मौके पर ही दबोच लिया। ऑटो चालक की इस सजगता की हर तरफ प्रशंसा हो रही है।
लापरवाही और मारपीट पर एफआईआर
इस घटना ने संप्रेषण गृह के सुरक्षा तंत्र की पोल खोल दी है। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि ड्यूटी पर तैनात पांच कर्मचारियों ने न केवल सुरक्षा में गंभीर चूक की, बल्कि बाल अपचारी के साथ मारपीट भी की थी। इसी आधार पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
जांच के दायरे में सुरक्षा व्यवस्था
पुलिस अब इस बात की गहन पड़ताल कर रही है कि आखिर इतने कड़े सुरक्षा घेरे के बावजूद बाल अपचारी बाहर कैसे निकला? क्या इसमें किसी और की मिलीभगत थी? विभागीय स्तर पर भी मामले की आंतरिक जांच चल रही है।
अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ न केवल कानूनी कार्रवाई होगी, बल्कि उन्हें नौकरी से बर्खास्त करने जैसी विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी तंत्र को और अधिक मजबूत करने की तैयारी की जा रही है।


