नई दिल्ली/वाशिंगटन: सात समंदर पार अमेरिका की धरती पर भारतीय संस्कृति का अद्भुत और जीवंत रंग देखने को मिला है। नौ दिवसीय शारदीय नवरात्रि से लेकर विजयादशमी तक प्रवासी भारतीयों ने पूरी धार्मिक आस्था, पारंपरिक उत्साह और सांस्कृतिक उल्लास के साथ पर्वों को मनाया। न्यू जर्सी के प्रसिद्ध इंडिया स्क्वायर पर सजे गरबा-डांडिया के पंडाल हों या फिर न्यूयॉर्क के मशहूर टाइम्स स्क्वायर पर आयोजित भव्य दुर्गा पूजा, हर जगह भारतीय संस्कृति की महक दूर-दूर तक महसूस की गई।
इंडिया स्क्वायर पर गरबा और डांडिया की गूंज
भारतीय मूल के लोगों की घनी आबादी और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए पहचाने जाने वाले न्यू जर्सी के जर्सी सिटी स्थित इंडिया स्क्वायर (नेवार्क एवेन्यू) पर नवरात्रि के दौरान हर रोज उत्सव का माहौल रहा। पारंपरिक और रंग-बिरंगे परिधानों (चनिया-चोली और कुर्ता-पायजामा) में सजे भारतीय परिवारों ने बढ़-चढ़कर इन आयोजनों में हिस्सा लिया। गरबा की थाप, डांडिया की खनक और भक्ति गीतों ने ऐसा समां बांधा कि अमेरिका में रहकर भी भारत का अहसास होने लगा। इन आयोजनों का मुख्य उद्देश्य न केवल अपनी धार्मिक आस्था प्रकट करना था, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना भी था।
टाइम्स स्क्वायर पर आकर्षण का केंद्र बनी दुर्गा पूजा
अपनी विशाल डिजिटल स्क्रीन और वैश्विक चहल-पहल के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर पर 10 और 11 अक्टूबर को दूसरे वार्षिक दुर्गा उत्सव का आयोजन किया गया। बंगाली समुदाय द्वारा आयोजित इस उत्सव में मां दुर्गा की पारंपरिक पूजा-अर्चना के साथ-साथ पारंपरिक धुनुची नृत्य, सिंदूर खेला और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय परंपराओं का अनूठा प्रदर्शन किया।
आधुनिक और चकाचौंध भरी पृष्ठभूमि के बीच सजी इस पूजा ने सोशल मीडिया के माध्यम से पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा।
कैलिफोर्निया और टेक्सास में भी छाई पर्वों की रौनक
केवल न्यू जर्सी और न्यूयॉर्क ही नहीं, बल्कि अमेरिका के अन्य बड़े राज्यों में भी नवरात्रि और दशहरे का पर्व धूमधाम से मनाया गया। कैलिफोर्निया के सैन जोस, फ्रेमोंट और सनीवेल के साथ-साथ टेक्सास के ह्यूस्टन, डलास और फ्रिस्को जैसे शहरों में भी स्थानीय भारतीय संगठनों और समुदायों ने भव्य गरबा नाइट्स और डांडिया कार्यक्रमों का आयोजन किया। इन आयोजनों में प्रवासी युवाओं और बच्चों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया।
विजयादशमी पर परवान चढ़ा उल्लास
नौ दिनों की आराधना के बाद 20 अक्टूबर को विजयादशमी का पर्व भी उल्लास के साथ मनाया गया। अमेरिका में बसे भारतवंशियों ने अपनी स्थानीय व्यवस्था और सामुदायिक केंद्रों के माध्यम से भगवान श्रीराम की विजय का यह पर्व मनाया। कई स्थानों पर रावण दहन और सांस्कृतिक सभाओं के जरिए बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि भौगोलिक दूरियां भले ही लंबी हों, लेकिन इस तरह के सामूहिक आयोजन प्रवासी भारतीयों को उनकी सांस्कृतिक जड़ों से मजबूती के साथ जोड़े रखते हैं और अमेरिकी समाज में भारत की सांस्कृतिक विविधता व भाईचारे का सुंदर संदेश देते हैं।
