नई दिल्ली: भारत और कनाडा के कूटनीतिक संबंधों में एक नई गर्मजोशी और मजबूती देखने को मिल रही है। सोमवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच एक अहम द्विपक्षीय बैठक हुई। इस दौरान पीएम कार्नी ने न केवल भारत की आर्थिक प्रगति की सराहना की, बल्कि स्वामी विवेकानंद के दर्शन को दोनों देशों के साझा भविष्य का आधार बताया।
स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरित साझेदारी
संयुक्त संबोधन के दौरान कनाडाई पीएम मार्क कार्नी ने स्वामी विवेकानंद को एक महान दार्शनिक बताते हुए उनकी ऐतिहासिक वैंकूवर यात्रा का जिक्र किया। उन्होंने विवेकानंद के प्रसिद्ध आह्वान को दोहराते हुए कहा, “उठो, जागो और तब तक मत रुको, जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए।” कार्नी ने संकल्प जताते हुए कहा कि भारत के ‘विकसित भारत 2047’ और एक ‘मजबूत कनाडा’ के लक्ष्य को हासिल करने तक दोनों देश मिलकर काम करते रहेंगे।
पीएम मोदी के नेतृत्व और अर्थव्यवस्था की सराहना
मार्क कार्नी ने पिछले एक दशक में भारत में हुए बदलावों पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना है। उन्होंने कहा, “भारत में प्रति व्यक्ति आय जिस रफ्तार से बढ़ी है, वैसा मानव इतिहास में शायद ही कभी हुआ हो। कनाडा आपकी महत्वाकांक्षा और उद्देश्य की भावना का सम्मान करता है।”
इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर हुआ समझौता
हैदराबाद हाउस में हुई इस वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने व्यापार (Trade), निवेश, रक्षा, सुरक्षा, शिक्षा, संस्कृति, क्लीन एनर्जी, क्रिटिकल मिनरल्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सुपरकंप्युटिंग और मोबिलिटी जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर विस्तार से चर्चा की। पीएम कार्नी ने भारत की जी20 अध्यक्षता की थीम ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य’ का जिक्र करते हुए कहा कि आज की चुनौतियों से कोई भी देश अकेला नहीं निपट सकता।
पीएम मोदी ने की कार्नी की विशेषज्ञता की तारीफ
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने कनाडाई समकक्ष का स्वागत करते हुए कहा कि विश्व में बहुत कम ऐसे लोग हैं जिनके अनुभव में दो देशों की सेंट्रल बैंकिंग लीडरशिप शामिल है। पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि इस मुलाकात के बाद दोनों देशों के रिश्तों में आपसी भरोसा और पॉजिटिविटी और अधिक बढ़ेगी।

