जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर की जानी-मानी बिजनेस वूमेन और ‘द हार्ट ऑफ हैप्पीनेस’ की संस्थापक सीमा गोविंद के एक ताजा वीडियो ने देश की सियासत में तूफान खड़ा कर दिया है। इंस्टाग्राम पर साझा किए गए इस वीडियो में सीमा ने राजनीति में महिलाओं की स्थिति को लेकर बेहद आपत्तिजनक और सनसनीखेज दावे किए हैं। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि राजनीति में सफल होने के लिए 90 प्रतिशत महिलाओं को ‘शारीरिक समझौता’ (कॉम्प्रोमाइज) करना पड़ता है।
”बिस्तर से शुरू होती है राजनीति की एंट्री”
सीमा गोविंद ने कहा कि सियासत की गलियों में महिलाओं के लिए रास्ता काबलियत से नहीं, बल्कि नेताओं के बिस्तर से होकर गुजरता है। उन्होंने दावा किया, “कोई भी पार्टी दूध की धुली नहीं है। मैंने खुद देखा है कि पार्षद का टिकट चाहने वाली महिलाओं को भी हर स्तर पर समझौता करना पड़ा, फिर भी उन्हें टिकट नहीं मिला।”
2009-10 के वाकये का किया जिक्र
अपना अनुभव बताते हुए सीमा ने कहा कि जब वह स्कूल-कॉलेज चलाती थीं, तब एक मंत्री ने उन्हें राजनीति में आने का न्योता दिया था। अच्छे इरादों के साथ पार्टी जॉइन करने के बाद उन्हें एक साल के भीतर ही यह समझ आ गया कि बिना ऊपरी नेताओं को खुश किए (शारीरिक रूप से) यहां टिकना नामुमकिन है। उन्होंने आरोप लगाया कि केवल 10 प्रतिशत महिलाएं, जिनका पारिवारिक बैकग्राउंड बहुत मजबूत होता है, वही बिना समझौते के सफल हो पाती हैं।
पूर्व राज्यपाल पर भी लगाए आरोप
सीमा गोविंद ने अपने वीडियो में न केवल मौजूदा व्यवस्था पर प्रहार किया, बल्कि एक पूर्व राज्यपाल का नाम लिए बिना उन पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। जहाँ कुछ लोग उनके साहस की तारीफ कर रहे हैं, वहीं बड़ी संख्या में यूजर्स उन्हें ट्रोल भी कर रहे हैं।
विवादों से पुराना नाता
यह पहली बार नहीं है जब सीमा गोविंद अपने बयानों के कारण चर्चा में हैं। इससे पहले उन्होंने वृंदावन के मंदिरों और पुजारियों को लेकर भी विवादित वीडियो जारी किया था, जिसमें उन्होंने वहां के प्रबंधन और सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाए थे। फिलहाल, उनके इस ताजा राजनीतिक खुलासे ने राजस्थान सहित देशभर के राजनीतिक हलकों में खलबली मचा दी है।

