आगरा: जनपद के थाना जैतपुर क्षेत्र में हुए चर्चित अवनीश यादव हत्याकांड का पुलिस ने सफल अनावरण करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। संयुक्त पुलिस टीम ने एक मुठभेड़ के बाद कृष्णा यादव और शिव प्रताप उर्फ ‘गेंदा’ को धर दबोचा। मुठभेड़ के दौरान आरोपी शिव प्रताप ने एक दरोगा की सरकारी रिवाल्वर छीनकर पुलिस पर जानलेवा फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस की गोली लगने से वह घायल हो गया।
क्या था पूरा मामला?
यह सनसनीखेज वारदात कुछ दिन पूर्व जैतपुर क्षेत्र के गांव प्यारामपुरा के पास हुई थी। अवनीश यादव अपने भाई उपेंद्र यादव के साथ कार से कहीं जा रहे थे, तभी पहले से घात लगाए बैठे बदमाशों ने बाइक और कार से उनका पीछा करना शुरू कर दिया। लगभग तीन किलोमीटर तक पीछा करने के बाद बदमाशों ने कार को घेर लिया और ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। इस हमले में दोनों भाई गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिनमें से अवनीश यादव ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
प्रधानी की पुरानी रंजिश बनी जान की दुश्मन
पुलिस की गहन जांच में हत्याकांड के पीछे गांव की पुरानी प्रधानी चुनावी रंजिश का खुलासा हुआ है। लंबे समय से चली आ रही इस आपसी दुश्मनी ने सुनियोजित तरीके से खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। आरोपियों ने बदला लेने की नीयत से भाइयों पर घातक हमले की साजिश रची थी।
मुठभेड़ और गिरफ्तारी
हत्याकांड के बाद से ही पुलिस की कई टीमें आरोपियों की धर-पकड़ में जुटी थीं। मुखबिर की सूचना पर जब पुलिस ने जैतपुर क्षेत्र में घेराबंदी की, तो आरोपियों ने भागने की कोशिश में पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। इस दौरान शिव प्रताप ने दरोगा से रिवाल्वर छीनने का दुस्साहस भी दिखाया।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गोली उसके पैर में लगी, जिससे वह मौके पर ही गिर पड़ा। पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से अवैध हथियार और कारतूस बरामद किए हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस खूनी खेल में शामिल अन्य संदिग्धों की पहचान कर ली गई है और उन्हें पकड़ने के लिए ताबड़तोड़ दबिश दी जा रही है। जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े सभी अपराधियों को सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।


