भाजपा चुनावों को प्रभावित करने के लिए सरकारी मशीनरी और चुनाव आयोग का सहारा ले रही है: अखिलेश यादव

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​समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने भाजपा और निर्वाचन आयोग (EC) के रिश्तों पर तीखा प्रहार करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। गुरुवार को पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मंथन के बाद पत्रकारों से रूबरू हुए अखिलेश ने कहा कि भाजपा विभिन्न राज्यों के चुनावों को प्रभावित करने के लिए सरकारी मशीनरी और चुनाव आयोग का सहारा ले रही है।

उन्होंने चेताया कि अन्य राज्यों का चुनाव निपटते ही भाजपा का पूरा तंत्र उत्तर प्रदेश की ओर रुख करेगा, जिसका मुकाबला करने के लिए ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) योद्धा पूरी तरह तैयार हैं।

​बंगाल का जिक्र कर घेरा निर्वाचन आयोग

अखिलेश यादव ने पश्चिम बंगाल में अधिकारियों के तबादलों पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग की निष्पक्षता को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा, “पश्चिम बंगाल में चुनाव आते ही मुख्य सचिव और DGP जैसे बड़े अधिकारियों को हटा दिया गया, लेकिन जब यूपी चुनाव के दौरान हमने बार-बार अधिकारियों की शिकायत की थी, तब कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई?” उन्होंने आरोप लगाया कि यूपी में कई अधिकारी भाजपा के एजेंट के रूप में काम कर रहे थे, जिन्हें सरकार ने खुली छूट दे रखी थी।

भ्रष्टाचार और बदहाली पर तंज

​सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा राज में न तो किसान खुश हैं और न ही खुद उनके अधिकारी। उन्होंने कहा इस सरकार में किसानों की बदहाली हो रही है। खाद, बीज और डीजल की महंगाई ने किसानों की कमर तोड़ दी है। ‘आय दोगुनी’ करने का वादा करने वाली सरकार से अब कोई उम्मीद नहीं बची।

अखिलेश के मुताबिक, भ्रष्टाचार और भारी दबाव की वजह से कई अधिकारी खुद नाखुश हैं और उन्हें न्याय नहीं मिल रहा।प्रदेश में बढ़ते नशा कारोबार पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में अब इतना ‘धुआं’ (गांजा बरामदगी) है कि जल्द ही ओटीटी प्लेटफॉर्म्स इस पर वेब सीरीज बनाना शुरू कर देंगे।

दादरी रैली से डरी सरकार!

​अखिलेश यादव ने दावा किया कि नोएडा (दादरी) में हुई सपा की हालिया रैली ने सत्ता के गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। उन्होंने कहा कि रैली में उमड़े जनसैलाब को देखकर सरकार की भाषा बदल गई है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा आज भी सपा सरकार की परियोजनाओं (जैसे मेट्रो) का फीता काटकर श्रेय लूटने में लगी है।

अखिलेश ने अंत में संकल्प दोहराया कि 2027 में ‘PDA’ की एकजुटता से उत्तर प्रदेश में एक प्रगतिशील समाजवादी सरकार बनेगी, जो सामाजिक न्याय के सपने को साकार करेगी।