लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की बिसात अभी से बिछनी शुरू हो गई है। इसी क्रम में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को एक बड़ा रणनीतिक झटका लगा है। मायावती के बेहद करीबी और लंबे समय तक बसपा का पक्ष मजबूती से रखने वाले डॉ. एमएच खान ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली है। सपा मुखिया अखिलेश यादव से मुलाकात के कुछ ही पलों बाद उन्हें पार्टी का आधिकारिक प्रवक्ता भी नियुक्त कर दिया गया।
33 साल का रिश्ता टूटा, ‘सम्मान’ की कमी बनी वजह
उन्नाव के मूल निवासी डॉ. एमएच खान पिछले 33 वर्षों से बसपा से जुड़े हुए थे। दल बदलने के बाद उन्होंने अपनी पुरानी पार्टी पर तीखा हमला बोला। खान ने आरोप लगाया कि बसपा में पिछले कुछ समय से उनके मान-सम्मान में भारी कमी आई थी। उन्होंने खुलासा किया कि, “पिछले ढाई साल से मायावती की ओर से कोई संवाद नहीं हुआ। मुझे महसूस हुआ कि बसपा अब चुनावी लड़ाई में कहीं नहीं है।”
अखिलेश यादव की तारीफ: “बड़े दिल के नेता”
सपा ज्वाइन करने के बाद डॉ. खान ने अखिलेश यादव की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा, “अखिलेश यादव का दिल बहुत बड़ा है। आज उनसे बात करके लगा कि असली लीडर वही हैं। उन्होंने मुझे सम्मान दिया और तुरंत जिम्मेदारी सौंपी।” खान ने संकल्प लिया कि वे 2027 में अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक देंगे।
उन्नाव की सियासत पर नजर
डॉ. एमएच खान उन्नाव की पुरवा सीट से दो बार (1996 में बसपा और 2012 में कांग्रेस के टिकट पर) विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। हालांकि उन्हें जीत नहीं मिली, लेकिन जिले की राजनीति में उनका अच्छा प्रभाव माना जाता है। उन्होंने दावा किया कि अब वे उन्नाव की सभी सीटों पर सपा की जीत सुनिश्चित करने के लिए काम करेंगे।
मायावती की रैली पर तंज
लखनऊ में हाल ही में हुई मायावती की रैली पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. खान ने कहा कि ऐसी रैलियां अब बेअसर हो चुकी हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “साढ़े 9 प्रतिशत वोट बैंक के दम पर सरकारें नहीं बनतीं। अब प्रदेश की जनता विकल्प के तौर पर केवल समाजवादी पार्टी को देख रही है।”

