बहराइच (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में बच्चों की मुफ्त किताबों को रद्दी के भाव बेचने का मामला अब एक बड़े राजनीतिक युद्ध में बदल गया है। इस घोटाले का वीडियो वायरल होने के बाद कांग्रेस पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं, प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 8 विभागीय सदस्यों को दोषी करार दिया है।
कांग्रेस का तीखा वार: “₹4 किलो बिका बच्चों का भविष्य”
कांग्रेस पार्टी ने सोशल मीडिया (X) पर वीडियो साझा करते हुए यूपी सरकार को आड़े हाथों लिया। पार्टी ने अपने पोस्ट में लिखा “यूपी में भ्रष्टाचार का आलम देखिए! बहराइच में बच्चों को बांटने के लिए आईं करीब 16,000 किताबों को ₹4 किलो में कबाड़ी को बेच दिया गया। साफ है कि BJP के राज में शिक्षा का सौदा किया जा रहा है। फंडा साफ है बच्चे भले न पढ़ें, बस BJP की तिजोरी में माल बढ़े।”
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इन किताबों को ट्रक में लादकर उत्तराखंड भेजा जाना था, जो राज्य में शिक्षा व्यवस्था और सरकारी निगरानी पर बड़े सवाल खड़े करता है।
DM का हंटर: 3 बर्खास्त, 2 निलंबित और 4 गिरफ्तार
घोटाला सामने आने के बाद जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने पांच सदस्यीय जांच कमेटी गठित की थी। कमेटी की रिपोर्ट में स्टॉक से हजारों किताबें गायब पाई गईं। इसके आधार पर सोमवार को बड़ी कार्रवाई की गई । विभाग के 3 कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है। 2 अनुचरों (Attendants) को सस्पेंड कर दिया गया है। 3 उच्च अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू की गई है।
पुलिस ने एक्शन लेते हुए अब तक इस मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
क्या था पूरा मामला?
सर्व शिक्षा अभियान के तहत सरकारी स्कूलों में गरीब बच्चों के लिए मुफ्त किताबें आई थीं। लेकिन विभाग के ही कुछ भ्रष्ट कर्मचारियों ने कबाड़ियों से सांठगांठ कर करीब 16,000 किताबों को रद्दी के भाव बेच दिया। जब किताबों से लदा ट्रक पकड़ा गया और उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तब जाकर विभाग की पोल खुली।


