​’यशोदा मैया’ की भूमिका में हैं आंगनवाड़ी बहनें: नियुक्ति पत्र और मोबाइल वितरण समारोह में बोले सीएम योगी

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लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज राजधानी लखनऊ में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान प्रदेश की आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों, मुख्य सेविकाओं और सहायिकाओं को डिजिटल शक्ति से लैस किया। सीएम योगी ने हजारों की संख्या में स्मार्टफोन और नियुक्ति पत्र वितरित करते हुए स्पष्ट किया कि अब रीयल-टाइम डेटा के माध्यम से सरकारी योजनाओं की मॉनिटरिंग और भी सटीक और आसान हो जाएगी।

313 करोड़ की परियोजनाओं का उपहार

विकास की रफ्तार को तेज करते हुए मुख्यमंत्री ने कुल 313 करोड़ रुपये की लागत वाली विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इसमें 702 आंगनवाड़ी केंद्रों और 71 अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण आंगनवाड़ी केंद्रों के नवीन डिजाइन का विमोचन रहा, जिसे आधुनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

​स्मार्टफोन से मिलेगी नई रफ्तार

तकनीक को जमीनी स्तर तक पहुँचाने के संकल्प के साथ 69,804 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सुपरवाइजरों को स्मार्टफोन सौंपे गए। इसके अलावा, बच्चों के स्वास्थ्य की बेहतर निगरानी के लिए कार्यकर्ताओं को 2 लाख रुपये से अधिक मूल्य के ‘ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइस’ भी उपलब्ध कराए गए। साथ ही, 18,440 नवनियुक्त कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को उनके नियुक्ति पत्र प्रदान कर उनके सुनहरे भविष्य की शुरुआत की गई।

​’यशोदा मैया’ से की तुलना: प्री-प्राइमरी पर जोर

संबोधन के दौरान सीएम योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शब्दों को दोहराते हुए भावुक अपील की। उन्होंने कहा, “जैसे यशोदा मैया ने भगवान कृष्ण को गढ़ा था, वैसी ही जिम्मेदारी आज हमारी आंगनवाड़ी बहनों की है। आप देश के भविष्य की नींव को मजबूत कर रही हैं और इस सम्मान की गरिमा बनाए रखना आप सभी का दायित्व है।”

​मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत अब 3 से 5 वर्ष तक के बच्चों के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों को ही प्री-प्राइमरी स्कूल के रूप में संचालित किया जाएगा। इसके लिए केंद्रों को सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है ताकि बच्चों को शुरुआती स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।