सोशल मीडिया ड्रग्स से घातक, AI निगल रहा युवाओं की स्किल, ‘आरम्भ 2.0’ में डिजिटल नशे पर अमोघ लीला प्रभु का प्रहार

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​आगरा। वर्तमान दौर में तकनीक और सोशल मीडिया का बढ़ता दखल युवाओं के भविष्य के लिए किसी ‘साइलेंट किलर’ से कम नहीं है। सूरसदन प्रेक्षागृह में इस्कॉन द्वारा आयोजित यूथ फेस्ट ‘आरम्भ 2.0’ में युवाओं को इसी गंभीर खतरे के प्रति आगाह किया गया। “एआई, सोल एंड फ्यूचर ऑफ ह्यूमन्स” विषय पर केंद्रित इस कार्यक्रम में दो हजार से अधिक छात्र-छात्राओं ने शिरकत की, जहाँ विख्यात उपदेशक और आईआईएम फैकल्टी अमोघ लीला प्रभु ने तकनीक के मायाजाल और वास्तविकता के बीच के अंतर को बेबाकी से रखा।

अमोघ लीला प्रभु ने अपने चिर-परिचित रोचक अंदाज में कहा कि आज सोशल मीडिया का एडिक्शन नशीले पदार्थों (ड्रग्स) से भी कहीं ज्यादा भयावह हो चुका है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि युवा प्रतिदिन 3 से 5 घंटे रील और वर्चुअल दुनिया में गँवा रहे हैं, जिससे उनकी मौलिक संवेदनाएं और वास्तविक रिश्ते दम तोड़ रहे हैं।

एआई (AI) पर बढ़ती निर्भरता का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि बीटेक जैसी डिग्री लेने के बाद भी छात्र बुनियादी स्किल्स जैसे कोडिंग तक में पिछड़ रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 43 प्रतिशत युवा आज रोजगार के योग्य ही नहीं बचे हैं।

समाधान के तौर पर उन्होंने युवाओं को सुझाव दिया कि एकाग्रता बढ़ाने के लिए पढ़ाई के दौरान मोबाइल को खुद से दूर रखें। उन्होंने जोर दिया कि एआई के बढ़ते प्रभाव के बीच युवाओं को उन क्षेत्रों में अपनी पैठ बनानी चाहिए जहाँ ‘मानवीय हस्तक्षेप’ अनिवार्य है।

कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ इस्कॉन संस्थापक ए.सी. भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस्कॉन आगरा के अध्यक्ष अरविन्द प्रभु ने अतिथियों का स्वागत करते हुए एआई के नकारात्मक सामाजिक पहलुओं पर प्रकाश डाला।

​भक्ति के रंग में रंगा सूरसदन

वैचारिक मंथन के साथ-साथ सूरसदन का माहौल पूरी तरह आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आया। “हरे राम-हरे कृष्णा” के महामंत्र और मृदंग की थाप पर युवा अपनी सुध-बुध खोकर झूम उठे। भक्ति का ऐसा ज्वार उमड़ा कि प्रेक्षागृह में तिल धरने की जगह नहीं बची; सैकड़ों युवाओं ने सीढ़ियों और फर्श पर बैठकर अमोघ लीला प्रभु के विचारों को आत्मसात किया।

​समारोह के समापन पर जिज्ञासु विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों से सवाल-जवाब भी किए। इस मौके पर लविका वर्मा ने हस्तनिर्मित जगन्नाथ जी की प्रतिमा भेंट की। कार्यक्रम में कुलपति प्रो. आशु रानी, संजीव मित्तल, डॉ. रंजना बंसल, डॉ. गिरधर शर्मा और डॉ. अंकुर गोयल सहित शहर की अनेक दिग्गज हस्तियाँ मौजूद रहीं। कार्यक्रम का सफल संचालन अतिदि गौरांगी ने किया और अंत में सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।