लखनऊ: मिडिल-ईस्ट में जारी युद्ध के बीच भारत में एलपीजी (LPG) की संभावित किल्लत को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार पर तीखा और अनोखा हमला बोला है। लखनऊ में मीडिया से बात करते हुए अखिलेश ने न केवल जनता को आगाह किया, बल्कि अपने घर के ‘बदलाव’ का भी जिक्र किया।
”मैंने तो मंगवा लिए दो मिट्टी के चूल्हे”
अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि गैस की समस्या का अंदाजा उन्हें पहले ही हो गया था। उन्होंने कहा, “जैसे ही मुझे संकट का पता चला, मैंने लोगों को कंडे, लकड़ी और अंगीठी तैयार रखने को कह दिया था, लेकिन आप लोगों ने मेरी बात नहीं मानी। मैंने तो अपने घर में मिट्टी के दो चूल्हे मंगवा लिए हैं, क्योंकि दिक्कत तो सबको आएगी।”
‘डेली नीड्स’ वाले कारोबारियों पर टूटेगा पहाड़
सपा प्रमुख ने चिंता जताते हुए कहा कि गैस की कमी का सबसे बुरा असर छात्रों, गरीबों और रोज कमाने-खाने वाले छोटे दुकानदारों पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जो लोग सड़क किनारे चाट, मोमोज, मैगी या नूडल्स बेचकर अपना पेट पालते हैं, उनका रोजगार गैस पर ही निर्भर है। उनके लिए स्थिति ‘करो या मरो’ वाली हो जाएगी।
इसी दौरान उन्होंने एक नया नारा भी उछाल दिया: “एक कचौड़ी, एक समोसा, गैस पर नहीं भरोसा।”
ब्लैक मार्केटिंग और ‘सोनू कनौजिया’ मामले पर सफाई
अखिलेश यादव ने गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी का मुद्दा उठाते हुए भाजपा पर उनके नेताओं को बदनाम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि गैस एजेंसी चलाने वाले सपा नेता सुरेंद्र कुमार उर्फ सोनू कनौजिया को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है, जबकि असल समस्या बढ़ती कीमतें और किल्लत है।
वैकल्पिक ऊर्जा अपनाने की दी सलाह
सपा प्रमुख ने संकेत दिया कि अगर वैश्विक हालात नहीं सुधरते, तो लोगों को मजबूरन पारंपरिक ईंधन (लकड़ी-कोयला) की ओर लौटना पड़ेगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह केवल दावे करने के बजाय धरातल पर गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करे ताकि आम आदमी का चूल्हा ठंडा न पड़े।

