नई दिल्ली: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं लोकसभा सांसद अखिलेश यादव ने केंद्र और राज्य सरकारों पर विभिन्न गंभीर मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने छात्र प्रदर्शनकारियों पर हाल ही में हुए पुलिस एक्शन, राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामलों, महिला आरक्षण, परिसीमन और नए एफसीआरए (FCRA) बिल समेत कई अहम विषयों पर सरकार को आड़े हाथों लिया और कड़े सवाल पूछे।
अखिलेश यादव ने सरकार से सीधा सवाल करते हुए कहा, “हम सरकार से पूछना चाहते हैं कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठियां क्यों चलाई गईं? उन पर आंसू गैस के गोले क्यों दागे गए और उन्हें बिजली के झटके क्यों दिए गए? सरकार इन सवालों का जवाब देने से क्यों कतरा रही है और सवालों से क्यों भाग रही है?”
FCRA बिल और संस्थानों पर कब्जे का आरोप
केंद्र सरकार की नीतियों पर निशाना साधते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि केंद्र सरकार अब नया एफसीआरए बिल ला रही है, जबकि एक समय पर भारत सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने देश की जनता को यह भरोसा दिलाया था कि किसी भी भारतीय का पैसा देश से बाहर नहीं जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि आज देश में अनगिनत लोगों ने आधिकारिक और अनौपचारिक (ऑफिशियल और अनऑफिशियल) दोनों ही तरीकों से भारत से भारी-भरकम रकम बाहर भेजी है।
अखिलेश ने दावा किया कि असल सच्चाई यह है कि सरकार देश के स्वतंत्र संस्थानों पर अपना कब्जा जमाना चाहती है। एफसीआरए के प्रावधानों के जरिए इन संस्थानों को पूरी तरह अपने नियंत्रण में लेने के नए-नए रास्ते तलाशे जा रहे हैं।
‘बीजेपी मूल रूप से एक बहुत बड़ी लैंड माफिया पार्टी है’
अयोध्या और जमीनों के मामलों पर आक्रामक रुख अपनाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी मूल रूप से एक बहुत बड़ी ‘लैंड माफिया’ पार्टी है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि इन्हें कहीं कोई तालाब, पार्क या खाली जमीन दिखाई दे जाती है, तो ये उस पर कब्जा करने की फिराक में रहते हैं। उन्होंने अयोध्या की पावन धरती का जिक्र करते हुए कहा कि वहां आस्था के साथ जिस प्रकार का खिलवाड़ किया गया है, उसके बाद से वहां जमीनों की कीमतें कुछ ही मिनटों में आसमान छूने लगी हैं, जो इनकी असल कार्यशैली को उजागर करता है।


