अखिलेश यादव का पलटवार: सीएम योगी के ‘गिरगिट’ वाले बयान पर बोले सपा प्रमुख- असली गिरगिट तो भाजपा है

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लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए सामाजिक एकता का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने वर्तमान दौर की चुनौतियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘गिरगिट’ वाले बयान पर जोरदार पलटवार किया।

अखिलेश यादव ने कहा कि रंग बदलने की राजनीति भाजपा की फितरत है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के नेता असली गिरगिट हैं, जो राजनीतिक लाभ के लिए ‘नारी वंदन’ जैसे पवित्र विषयों को सिर्फ चुनावी नारा बनाना चाहते हैं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा की विदाई के दिन अब करीब आ गए हैं।

संविधान और आरक्षण पर भाजपा को घेरा

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर द्वारा रचित संविधान और लोकतंत्र को कुछ खास ताकतों से गंभीर खतरा है। उन्होंने महिला आरक्षण के मुद्दे पर भाजपा की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा वास्तव में महिलाओं को आरक्षण नहीं देना चाहती, बल्कि वह इसे विपक्ष के खिलाफ एक राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है।

सपा प्रमुख के अनुसार, भाजपा का असली चेहरा अब जनता के सामने आ गया है और वह जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए केवल नारों का सहारा ले रही है।

कानून-व्यवस्था और बुलडोजर नीति पर प्रहार

प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर अखिलेश यादव ने योगी सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने हरदोई में हुई बेटी के परिवार के साथ दुखद घटना का जिक्र करते हुए मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष सीबीआई (CBI) जांच होनी चाहिए और पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए।

उन्होंने सरकार की ‘बुलडोजर नीति’ और वाराणसी की घटनाओं पर भी सवाल उठाए। अखिलेश ने इसके साथ ही स्मार्ट मीटर योजना, गेहूं खरीद की सुस्त रफ्तार, श्रम कानूनों में किए गए बदलाव और अयोध्या मास्टर प्लान में बार-बार हो रहे संशोधनों को लेकर सरकार की नीतियों की जमकर आलोचना की।

​बंगाल चुनाव और ममता बनर्जी पर भरोसा

पश्चिम बंगाल के चुनावी परिदृश्य पर बात करते हुए अखिलेश यादव ने ममता बनर्जी की भारी जीत का दावा किया। उन्होंने कहा कि ‘दीदी’ बंगाल में ऐतिहासिक जनादेश के साथ सत्ता में वापसी करने जा रही हैं। सपा प्रमुख ने ममता बनर्जी के उस बयान का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने बंगाल में 226 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है। अखिलेश ने स्पष्ट किया कि देशभर में भाजपा विरोधी लहर चल रही है और विपक्षी एकता का संदेश रंग ला रहा है।