क्रिकेट कोचिंग में एआई का ‘बड़ा धमाका’: कबुनी प्लेटफॉर्म पर अब गांगुली और डिविलियर्स सिखाएंगे खेल के गुर

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मुंबई। क्रिकेट के मैदान पर तकनीकी क्रांति का आगाज हो चुका है। मुंबई में लॉन्च हुए ‘कबुनी’ (Kabuni) नामक एआई-संचालित स्पोर्ट्स प्लेटफॉर्म ने उन बाधाओं को ध्वस्त कर दिया है, जो अब तक आम खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय कोचिंग तक पहुँचने से रोकती थीं। यह प्लेटफॉर्म तकनीक और दिग्गजों के अनुभव का एक ऐसा संगम है, जो अब किसी भी खिलाड़ी के स्मार्टफोन को एक निजी कोच में बदल सकता है।

दिग्गजों की ट्रेनिंग अब आपकी मुट्ठी में

कबुनी की सबसे बड़ी विशेषता इसके ‘सुपर कोच’ हैं। क्रिकेट के दिग्गज सौरव गांगुली, एबी डिविलियर्स, शेन वॉटसन और श्रेयस अय्यर जैसे नाम इस प्लेटफॉर्म से जुड़े हैं। अब कोई भी उभरता हुआ क्रिकेटर, चाहे वह शहर में हो या किसी सुदूर गाँव में, इन दिग्गजों की सिखाने की शैली और तकनीकी बारीकियों को अपने खेल में शामिल कर सकता है।

​’प्ले ओएस’ (Play OS) का कमाल

इस प्लेटफॉर्म का मुख्य आधार उसका एआई इंजन ‘प्ले ओएस’ है। यह उन्नत तकनीक खिलाड़ी के प्रदर्शन का सूक्ष्म विश्लेषण करती है:

​रियल-टाइम फीडबैक: फुटवर्क, बैलेंस और टाइमिंग में सुधार के लिए तुरंत सुझाव।

​तकनीकी बारीकियां: पेशेवर स्तर की कोचिंग जो अब तक केवल महंगी अकादमियों तक सीमित थी।

सुलभता: कहीं भी, कभी भी अभ्यास की सुविधा।

युवाओं के सपनों को नई उड़ान

कबुनी के संस्थापक निमेश पटेल का मानना है कि भारत में प्रतिभा की कमी नहीं है, लेकिन सही मार्गदर्शन की पहुंच एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा, “कबुनी का उद्देश्य इस अंतर को मिटाना है। भारत से शुरू होकर हम इस मॉडल को वैश्विक स्तर पर ले जाने की योजना बना रहे हैं।”

कंपनी के ‘डू यू वांट टू प्ले फॉर ए लीजेंड?’ अभियान के माध्यम से, यह प्लेटफॉर्म न केवल कोचिंग दे रहा है, बल्कि युवा क्रिकेटरों को अपनी पहचान बनाने और अपने सपनों को हकीकत में बदलने का एक अनूठा मंच भी प्रदान कर रहा है। आने वाले समय में, यह डिजिटल कोच तकनीक के दम पर अगली पीढ़ी के क्रिकेट सितारों को तराशने में अहम भूमिका निभाएगा।

-अनिल बेदाग