आगरा। देश की राजधानी नई दिल्ली स्थित प्रतिष्ठित ‘साहित्य अकादमी सभागार’ में आगरा के साहित्य जगत के लिए एक गौरवशाली अध्याय जुड़ गया। हिमालय विरासत न्यास (ट्रस्ट) द्वारा आयोजित एक भव्य और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के सम्मान समारोह में आगरा की जानी-मानी साहित्यकार श्रीमती नूतन अग्रवाल ‘ज्योति’ और प्रख्यात समीक्षक कुमार ललित को राष्ट्रीय मंच पर सम्मानित कर ताजनगरी का मान बढ़ाया गया।
यह गरिमापूर्ण सम्मान उन्हें उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भारत सरकार के पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ द्वारा केदारनाथ आपदा की मर्मस्पर्शी पृष्ठभूमि पर लिखी गई विशिष्ट कहानियों पर बेहद सारगर्भित, गंभीर और उत्कृष्ट समीक्षात्मक वक्तव्य (रिव्यू) प्रस्तुत करने के लिए प्रदान किया गया है। यह भव्य आयोजन हिमालय विरासत न्यास की ओर से आयोजित होने वाली रविवारीय कहानी वार्ता ‘डॉ. निशंक का रचना संसार’ के सफलतापूर्वक और निर्बाध रूप से 150 संस्करण पूर्ण होने के ऐतिहासिक उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था।
समारोह के दौरान आगरा की नूतन अग्रवाल ‘ज्योति’ और कुमार ललित को मुख्य अतिथियों द्वारा पवित्र अंगवस्त्र, स्मृति चिह्न और विशेष प्रमाण-पत्र भेंट किया गया। अपरिहार्य कारणों से कुमार ललित के दिल्ली न जा पाने के चलते, उनका सम्मान-पत्र और स्मृति चिह्न भी आगरा की ओर से श्रीमती नूतन अग्रवाल ‘ज्योति’ ने ही मंच पर ग्रहण किया।
पद्मश्री डॉ. अशोक चक्रधर सहित दिग्गज साहित्कारों ने किया पुरस्कृत
इस अंतर्राष्ट्रीय गरिमा वाले समारोह की अध्यक्षता देश के ख्याति प्राप्त कवि पद्मश्री डॉ. अशोक चक्रधर ने की। मंच पर मुख्य रूप से उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, साहित्य अकादमी के सचिव प्रो. वरुण गुलाटी, इंडिया हैबिटेट सेंटर के निदेशक प्रो. के.जी. सुरेश, प्रख्यात विद्वान प्रो. दर्शन पांडे, अनिल जोशी, डॉ. वेद प्रकाश, डॉ. श्रीनिवासन त्यागी, हिमालय विरासत न्यास के संरक्षक डॉ. बैचेन कांडियाल और संस्था की अध्यक्ष आशना कांडियाल नेगी संयुक्त रूप से उपस्थित रहे। इन सभी वरिष्ठ विभूतियों ने सामूहिक रूप से आगरा की नूतन ‘ज्योति’ को मंच पर यह गौरव प्रदान किया।
देश-दुनिया के 150 महनीय साहित्यकारों की रही मौजूदगी
साहित्य अकादमी का यह सभागार उस वक्त वैश्विक साहित्यिक ऊर्जा से सराबोर हो उठा, जब देश और दुनिया के अलग-अलग कोनों से आए लगभग 150 शीर्ष साहित्यकारों ने इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
समारोह में मुख्य रूप से असम से डॉ. कुसुम कुंज मालेकर, रायपुर से डॉ. पूनम संजू, जसवंत नगर से डॉ. शैलेश गुप्ता, डॉ. उषा झा रेनू, अमेरिका से आईं प्रवासी भारतीय साहित्यकार डॉ. मंजू श्रीवास्तव, सिलीगुड़ी से डॉ. कल्पना सिंह, इटावा से डॉ. वी एन चतुर्वेदी, दिल्ली की प्रसिद्ध कथाकार नीलिमा शर्मा, डॉ. सुरेश नीरव और आगरा से विशिष्ट रूप से उपस्थित रहीं डॉ. शुभदा पांडे सहित देश-दुनिया की कई प्रख्यात साहित्यिक हस्तियां मौजूद रहीं।
आगरा के इन दोनों रचनाकारों को मिले इस राष्ट्रीय सम्मान पर स्थानीय साहित्यकारों और प्रबुद्धजनों ने अपनी गहरी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है।


