आगरा स्कूल बस हादसा: मासूम नैना की मौत के बाद एक्शन में प्रशासन, स्कूल की मान्यता रद्द करने की संस्तुति, जर्जर बस में सीढ़ी की जगह लगी थी लकड़ी की तख्ती

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आगरा। एत्मादपुर के भागूपुर में स्कूल बस के टूटे फर्श से गिरकर 9 वर्षीय मासूम नैना की दर्दनाक मौत के मामले ने पूरे जिले को हिलाकर रख दिया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी (पूर्वी) आदित्य कुमार सिंह स्वयं पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और न्याय का भरोसा दिलाया। जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं। स्कूल प्रबंधन की इतनी बड़ी लापरवाही सामने आई है कि अब इस स्कूल की मान्यता स्थायी रूप से रद्द करने की तैयारी कर ली गई है।

​बस नहीं, मौत का चलता-फिरता पिंजरा थी गाड़ी

​जांच में खुलासा हुआ कि आरवीएस उच्च माध्यमिक विद्यालय, भागूपुर द्वारा संचालित बस पूरी तरह जर्जर थी। बस में चढ़ने-उतरने वाली सीढ़ी तक गायब थी और उसकी जगह लकड़ी की तख्ती का इस्तेमाल किया जा रहा था। बस का फर्श इतना सड़ा हुआ था कि झटके के कारण कक्षा 1 की छात्रा नैना सीधे सड़क पर जा गिरी और पिछले पहिए की चपेट में आ गई। जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) ने इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए बस चालक, परिचालक और प्रबंधक के खिलाफ FIR दर्ज कराई है।

​जांच में खुला ‘अवैध’ शिक्षा का कारोबार

आज दिनांक 12 मार्च 2026 को DIOS, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और खंड शिक्षा अधिकारी की संयुक्त टीम ने स्कूल का औचक निरीक्षण किया। जांच में स्कूल की जो तस्वीर सामने आई, वह चौंकाने वाली है:

मान्यता का उल्लंघन: स्कूल को केवल कक्षा 6 से 10 तक की मान्यता थी, लेकिन वहां अवैध रूप से नर्सरी से कक्षा 11 तक की पढ़ाई हो रही थी।

​पशुबाड़ा बना स्कूल: स्कूल परिसर में कोई बाउंड्री वॉल नहीं थी। वहां पशु पालन हो रहा था, चारा मशीनें लगी थीं और खुले में ट्रांसफार्मर रखा था।

जर्जर हालात: शौचालय टूटे हुए थे और बिजली के नंगे तार लटके मिले। एक ही परिसर में बेसिक और माध्यमिक स्कूल नियमों के विरुद्ध संचालित पाए गए।

कठोर कार्रवाई: मान्यता छीनने की संस्तुति

डीसीपी आदित्य कुमार सिंह और एसीपी देवेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने बस को जब्त कर लिया है। अधिकारियों ने बताया कि स्कूल की घटिया अवस्था और नियमों के उल्लंघन को देखते हुए कक्षा 6 से 10 तक की मान्यता को तत्काल प्रभाव से प्रत्याहरण (रद्द) करने की सबल संस्तुति की गई है। पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर हत्या की धाराओं के समान गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

​इलाके में भारी आक्रोश

​नगला लाले निवासी नैना की मौत से ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। डीसीपी के सामने ग्रामीणों ने स्कूल प्रशासन को इस ‘हत्या’ का जिम्मेदार ठहराया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच की रिपोर्ट आरटीओ और शिक्षा विभाग को भेज दी गई है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।