आगरा: शहर के थाना छत्ता क्षेत्र में शनिवार को एक फोन कॉल ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया। एक युवक ने घबराई हुई आवाज में पुलिस को फोन कर दावा किया कि उसे शहर के किसी होटल में बंधक बनाकर रखा गया है। युवक की बात अधूरी छोड़कर फोन कट जाने के बाद पुलिस ने स्थिति को अत्यंत गंभीर मानते हुए तत्काल प्रभाव से बचाव अभियान शुरू कर दिया।
पुलिस की संयुक्त टीमों का सघन सर्च ऑपरेशन
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए थाना छत्ता और थाना रकाबगंज पुलिस की संयुक्त टीमें सक्रिय हो गईं। पुलिस ने शहर के कई संदिग्ध होटलों, लॉज और सार्वजनिक स्थानों को खंगालना शुरू किया। घंटों तक पुलिस की टीमें कॉलर की लोकेशन ट्रेस करने और बंधक बनाए गए युवक को सुरक्षित ढूंढने के लिए एक-एक ठिकाने की जांच करती रहीं।
जांच में सामने आया चौंकाने वाला सच
लंबे चले इस सर्च ऑपरेशन के बाद पुलिस को सफलता तो मिली, लेकिन वह बंधक युवक नहीं, बल्कि एक बड़ी धोखाधड़ी थी। तकनीकी जांच में पता चला कि जिस मोबाइल नंबर से यह कॉल की गई थी, वह पहले ही 30 जून को चोरी हो चुका था। मोबाइल का मालिक कोई और था और उसका फोन पहले से ही गुमशुदा था। इस तथ्य के सामने आते ही पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली, क्योंकि सूचना पूरी तरह से फर्जी और भ्रामक निकली।
अब आरोपी की धरपकड़ की तैयारी
पुलिस अब उस शातिर शख्स की तलाश कर रही है, जिसने चोरी के मोबाइल का इस्तेमाल कर पुलिस को न केवल गुमराह किया, बल्कि बहुमूल्य संसाधनों का दुरुपयोग भी किया। अधिकारियों का कहना है कि पुलिस की इमरजेंसी सेवाओं को बाधित करने और बिना किसी आधार के सूचना देकर पूरे तंत्र को दौड़ाने वाले इस व्यक्ति के खिलाफ कड़ी विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मोबाइल की कॉल डिटेल (CDR) और लोकेशन के आधार पर आरोपी की पहचान करने में जुटी है। जल्द ही पुलिस उस तक पहुँचने का दावा कर रही है।


