आगरा। थाना सदर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चावली इलाके में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहाँ पानी से भरे एक गहरे तालाब में युवक के गिर जाने से हड़कंप मच गया। देर शाम तक गोताखोरों की टीम युवक की तलाश में जुटी रही, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा नगर निगम के अधिकारियों पर फूट पड़ा है।
तालाब बना ‘मौत का कुआं’
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चावली स्थित यह स्थान लंबे समय से जलभराव की चपेट में है। जल निकासी की व्यवस्था न होने के कारण बारिश का पानी यहाँ जमा होता रहता है, जिसने धीरे-धीरे एक गहरे तालाब का रूप ले लिया है। स्थानीय निवासियों का दावा है कि यहाँ पानी की गहराई 30 से 40 फीट तक है, जो राहगीरों के लिए किसी बड़े खतरे से कम नहीं है। शुक्रवार को हुई दुर्घटना ने एक बार फिर प्रशासन की उदासीनता की पोल खोल दी है।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
घटना की सूचना मिलते ही थाना सदर पुलिस मौके पर पहुंची और गोताखोरों को बुलाया गया। भारी मशक्कत के बावजूद देर शाम तक युवक का कोई सुराग नहीं मिल सका। फिलहाल प्रशासन की मौजूदगी में सर्च ऑपरेशन जारी है, और घटना स्थल पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा है।
पार्षद का आरोप: ‘बड़े हादसे का इंतजार कर रहा था निगम’
वार्ड-64 के पार्षद लाल सिंह कुशवाह ने इस हादसे के लिए सीधे तौर पर नगर निगम को कठघरे में खड़ा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस खतरनाक तालाब की बाउंड्री कराने और जल निकासी के लिए नाला बनवाने की मांग वे कई बार उठा चुके थे। उन्होंने बताया कि निर्माण के लिए सेना (आर्मी) से एनओसी मिलने के बावजूद नगर निगम ने काम शुरू कराने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। पार्षद का कहना है कि यह प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा है, जिसे टाला जा सकता था।
क्षेत्र में भारी आक्रोश
हादसे के बाद क्षेत्रवासियों में गहरा रोष है। लोगों का कहना है कि प्रशासन की ओर से सुरक्षा घेरा न बनाने और उचित जल निकासी की कमी ने एक युवक की जान जोखिम में डाल दी है। फिलहाल, पुलिस और बचाव दल हर संभव प्रयास कर रहा है। शव मिलने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी, जिसके बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।


