आगरा: जनपद के थाना पिनाहट क्षेत्र के अंतर्गत भूमि विवाद को लेकर अधिकारियों पर आरोप लगाने और जहर खाने का दावा करने वाले बुजुर्ग ब्रज मोहन शर्मा के मामले में पुलिस ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। अपर पुलिस उपायुक्त (पिनाहट) गिरीश कुमार सिंह ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए बताया कि चिकित्सकों ने बुजुर्ग द्वारा किसी भी प्रकार के विषाक्त पदार्थ (जहर) के सेवन की पुष्टि नहीं की है।
अस्पताल से डिस्चार्ज, अब घर पर हैं सुरक्षित
पुलिस के अनुसार, शुक्रवार को जैसे ही ब्रज मोहन शर्मा द्वारा विषाक्त पदार्थ खाने की सूचना मिली, थाना पिनाहट पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए उन्हें तत्काल अस्पताल पहुँचाया। उस समय उनकी पत्नी भी उनके साथ थीं। चिकित्सकीय जांच के बाद यह पाया गया कि उन्होंने कोई जहर नहीं खाया था। वर्तमान में ब्रज मोहन शर्मा पूरी तरह स्वस्थ हैं और अपनी पत्नी के साथ सुरक्षित घर पर हैं।
सार्वजनिक श्मशान भूमि पर आपत्ति का सच
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि जिस भूमि पर अंतिम संस्कार किए जाने को लेकर ब्रज मोहन शर्मा आपत्ति कर रहे हैं, वह निजी नहीं बल्कि सार्वजनिक भूमि है। राजस्व विभाग ने इस भूमि को श्मशान घाट के लिए चिन्हित कर आवंटित किया है, जहाँ स्थानीय निवासी लंबे समय से शवों का अंतिम संस्कार करते आ रहे हैं। बुजुर्ग द्वारा बार-बार इस सार्वजनिक कार्य में बाधा उत्पन्न करने और विरोध करने का प्रयास किया जाता रहा है।
पुराना विवाद और कानूनी स्थिति
अपर पुलिस उपायुक्त ने बताया कि मई-2025 में एक अन्य भूमि को लेकर ब्रज मोहन शर्मा और दूसरे पक्ष के बीच विवाद हुआ था। उस समय पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर निष्पक्ष जांच की और साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय में आरोप-पत्र (Charge-sheet) दाखिल कर दिए हैं।
पुलिस पर ‘अनैतिक दबाव’ बनाने का आरोप
पुलिस प्रशासन ने बुजुर्ग द्वारा लगाए गए अभद्रता और मारपीट के आरोपों को पूरी तरह निराधार और मनगढ़ंत बताया है। गिरीश कुमार सिंह ने कहा, “बुजुर्ग द्वारा पुलिस पर अनैतिक दबाव बनाने के उद्देश्य से बार-बार इस तरह के झूठे आरोप लगाए जाते हैं। स्थानीय पुलिस पूरे मामले पर सतर्क दृष्टि रखे हुए है और पुलिस की ओर से कोई भी कार्यवाही अब शेष नहीं है क्योंकि मामला पहले ही न्यायालय के विचाराधीन है।”
फिलहाल, शेष भूमि विवाद के समाधान के लिए पुलिस प्रशासन राजस्व विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर रहा है ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।

