Agra News: भक्ति के रंग में रंगा कमला नगर, मुनिसंघ के मंगल प्रवेश पर उमड़ा जनसैलाब, धर्म ध्वजा के साथ निकली भव्य शोभायात्रा

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आगरा: ताजनगरी का कमला नगर इलाका रविवार को पूरी तरह धर्ममय हो गया। अवसर था सकल दिगम्बर जैन समाज के तत्वावधान में पूज्य मुनिसंघ के भव्य मंगल प्रवेश का। कर्मयोगी एनक्लेव से लेकर डी-ब्लॉक तक श्रद्धा, आस्था और अनुशासन का ऐसा अनूठा संगम दिखा कि हर कोई मंत्रमुग्ध हो गया। जय जिनेन्द्र के जयघोष और बैंड-बाजों की मधुर धुनों के बीच निकली शोभायात्रा में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा।

महावीर जिनालय से शुरू हुआ भक्ति का सफर

कार्यक्रम का आगाज सुबह ठीक 7:15 बजे महावीर जिनालय से पदयात्रा के साथ हुआ। श्रद्धालु भक्ति भाव से सराबोर होकर कर्मयोगी एनक्लेव स्थित नेमिनाथ जिनालय पहुँचे। यहाँ पूज्य विलोक सागर जी महाराज एवं विबोध सागर जी महाराज ससंघ की अत्यंत भावपूर्ण अगवानी की गई। मुनिसंघ के दर्शन के लिए सुबह से ही सड़कों पर भारी भीड़ जमा थी।

आकर्षण का केंद्र रही भगवान महावीर की सुसज्जित बग्गी

​नेमिनाथ दिगंबर जैन मंदिर से डी-ब्लॉक स्थित श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर तक निकाली गई शोभायात्रा में अनुशासन की मिसाल देखने को मिली।

भगवान महावीर की सुंदर ढंग से सजी बग्गी आकर्षण का मुख्य केंद्र रही। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर संतों का स्वागत किया। मंदिर परिसर पहुँचने पर श्रद्धालुओं को 21 थालों द्वारा पाद प्रक्षालन (चरण पखारने) का परम सौभाग्य प्राप्त हुआ।

​मुनि श्री का संदेश: संयम और अहिंसा ही जीवन का आधार

शोभायात्रा के समापन के बाद संत निलय हॉल में विशाल धर्मसभा का आयोजन हुआ। अपने ओजस्वी प्रवचनों में मुनि श्री विलोक सागर जी महाराज ने कहा कि मनुष्य को अपने जीवन में संयम, अहिंसा और आत्मकल्याण के मार्ग पर चलना चाहिए। उन्होंने भक्तों को शुद्ध आचरण अपनाने और साधना से जुड़ने का आह्वान किया।

शाम के सत्र में ‘जिज्ञासा समाधान’ कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने अपनी आध्यात्मिक शंकाओं का समाधान प्राप्त किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन मनोज जैन बाकलीवाल ने किया।

प्रमुख हस्तियों की गरिमामयी उपस्थिति

इस पावन अवसर पर जगदीश प्रसाद जैन, यशपाल जैन, अनिल जैन, नरेश जैन, अनिल रईस, सुभाष जैन, राकेश जैन बजाज, सुमेर जैन पांडया, पवन जैन सहित ग्रेटर कमला नगर जैन समाज के सैकड़ों प्रबुद्ध जन और श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन के अंत में सभी के लिए स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई।